भोपाल

किराये पर लग्जरी कारें लेकर औने-पौने दामों में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 8 गाड़ियां ज़ब्त

किराये पर लग्जरी कारें लेकर औने-पौने दामों में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 8 गाड़ियां ज़ब्त

​- मास्टरमाइंड ने रेंटल कंपनी के नाम पर की करोड़ों की धोखाधड़ी

फर्जी मालिक बनकर गाड़ियां रखते थे बंधक, बागसेवनिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई

​भोपाल, यश भारत। रेंटल कंपनी चलाने और किराये पर लग्जरी गाड़ियां लगवाने का झांसा देकर असली मालिकों से वाहन हड़पने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का बागसेवनिया थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की 08 आलीशान चारपहिया गाड़ियां ज़ब्त की हैं। यह गिरोह सीधे-साधे लोगों से वाहन किराये पर लेता था और बाद में फर्जी अनुबंध तैयार कर खुद को मालिक बताते हुए गाड़ियों को औने-पौने दामों में बेच या गिरवी रख दिया करता था। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड सहित चार अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं।

​बागसेवनिया पुलिस के मुताबिक, पीड़ित सिद्धार्थ मिश्रा निवासी नर्मदापुरम रोड ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दिसंबर 2025 में उसकी मुलाकात सौरभ तिवारी के माध्यम से सैयद जमीर नाम के व्यक्ति से हुई थी। जमीर ने खुद को कार रेंटल कंपनी का संचालक बताकर दोस्ती गांठ ली और सिद्धार्थ की गाड़ियां किराये पर लीं। जनवरी और फरवरी 2026 तक जमीर ने समय पर किराया चुकाया, लेकिन इसके बाद किराया देना बंद कर दिया और गाड़ियां भी वापस नहीं कीं। कुल 4 लाख 80 हजार रुपये का किराया बकाया होने पर जब सिद्धार्थ ने गाड़ियां मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। छानबीन के दौरान सिद्धार्थ को पता चला कि उसकी स्कारपियो कार को आरोपी ने छिंदवाड़ा जिले में किसी अन्य व्यक्ति को 3 लाख रुपये में बेच दिया है। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

​विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी राहुल जोशी निवासी बैरसिया को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में राहुल ने कबूल किया कि उसने गिरोह के मुख्य सरगना सैयद जमीर, शम्मी खान और समीर खान के साथ मिलकर इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। गिरोह के मुख्य सूत्रधार सैयद जमीर और शम्मी खान रेंटल कंपनियों से वाहन किराये पर लेते थे और फिर अपने साथियों को फर्जी वाहन स्वामी बनाकर खड़ा कर देते थे। इसके बाद वे ग्राहकों के सामने मजबूरी की कोई झूठी भावुक कहानी सुनाकर असली मालिक बन बैठते और गाड़ियों को बंधक रख देते थे। विश्वास जीतने के लिए ये लोग पैसा लेते समय बकायदा वीडियो और फोटो भी खींचते थे। अब तक की जांच में यह गिरोह फर्जी तरीके से गाड़ियां गिरवी रखकर करीब 30 लाख रुपये की नकद ठगी कर चुका है।

​पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी राहुल जोशी की निशानदेही पर अलग-अलग ठिकानों से दो स्कारपियो, एक महिंद्रा थार, एक हुंडई वेन्यू, एक महिंद्रा एक्सयूवी 300, एक होंडा सिटी, एक मारुति स्विफ्ट डिजायर और एक टाटा टियागो कार समेत कुल 8 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। प्रकरण में मुख्य आरोपी सैयद जमीर खान, शम्मी खान, समीर खान और अनुराग माहेश्वरी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

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