नीट री-एग्जाम के नाम पर ठगी का खेल: भोपाल क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवाइजरी, छात्र और अभिभावक रहें सावधान

नीट री-एग्जाम के नाम पर ठगी का खेल: भोपाल क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवाइजरी, छात्र और अभिभावक रहें सावधान
भोपाल, यशभारत। नीट री-एग्जाम परीक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं और दोबारा परीक्षा के कयासों के बीच साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ये जालसाज मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को अपना निशाना बना रहे हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने एक विशेष एडवाइजरी जारी कर सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया, टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर पेपर लीक, सिलेक्शन गारंटी, एडवांस प्रश्नपत्र और वीआईपी रिजल्ट जैसे झूठे और लुभावने वादे कर छात्रों को जाल में फंसाया जा रहा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भी पहले ही ऐसे सभी दावों को पूरी तरह खारिज और फर्जी बताते हुए छात्रों को केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की बात कही है।
इन तरीकों से जाल में फंसा रहे ठग
मिली जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराधी छात्रों को ठगने के लिए निम्नलिखित हथकंडे अपना रहे हैं:
टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए नकली प्रश्नपत्र और गेस पेपर बेचकर पेपर लीक होने का झूठा दावा करना।
नीट री-एग्जाम डेट के नाम पर फर्जी लिंक शेयर करना और उसके जरिए बैंक डिटेल्स या ओटीपी मांगना।
एनटीए से मिलती-जुलती हूबहू फर्जी वेबसाइट्स बनाकर छात्रों से रजिस्ट्रेशन फीस वसूलना।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाकर 100% सिलेक्शन का झांसा देना।
पुलिस की सलाह: क्या करें और क्या न करें
क्राइम ब्रांच ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और अपना यूपीआई पिन या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध संदेश या ग्रुप से आने वाली फर्जी पीडीएफ या एपीके फाइल्स को डाउनलोड करने से बचें। सूचनाओं के सत्यापन के लिए केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और उनके नोटिस पर ही भरोसा करें। मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत
पुलिस ने साफ किया है कि कोई भी संस्था या व्यक्ति असली परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं करा सकता, ऐसा दावा पूरी तरह अवैध और धोखाधड़ी है। यदि कोई भी छात्र या अभिभावक इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तुरंत भोपाल साइबर क्राइम के हेल्पलाइन नंबर 9479990636 अथवा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकता है। इसके अलावा केंद्रीय वेबसाइट पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।







