कांग्रेस विधायक आरिफ मसूम समेत अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज -हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एक्सन में आई पुलिस

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूम समेत अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
-हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एक्सन में आई पुलिस
भोपाल, यशभारत।
राजधानी की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अब एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी। एक दिन पहले हाईकोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के जुड़े मामले में पुलिस आयुक्त भोपाल को तीन दिन में आरिफ मसूद और उनके सहयोगियों पर केस दर्ज करने और मामले की जांच के आदेश दिए थे। हालांकि केस दर्ज होने के बाद शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
जानकारी के मुताबिक कोहेफिजा थाना में बीती देर रात करीब दो बजे कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 471 के तहत केस दर्ज किया है। अब विधायक मसूद पर कानूनी शिंकजा कसने की तैयारी हो गई है। कल हाई कोर्ट ने इस संबंध में एडीजी स्तर के पुलिस अधिकारी से मामले की जांच कर तीन दिन में एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। मसूद पर आरोप हैं कि इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की मान्यता फर्जी सेल डीड के आधार पर मिली थी, इस मामले को 20 साल हो चुके हैं। बता दें कि इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की मान्यता के लिए 2 अगस्त 1999 में जो सेल डीड प्रस्तुत की गई थी, वह फर्जी निकली थी। इस मामले में हाई कोर्ट ने डीजीपी कैलाश मकवाणा को एसआईटी गठित कर मामले की जांच करने के लिए कहा था,इसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। जिसकी कमान एडीजी संजीव शर्मी को सौंपी गई है।
अफसरों ने साधी चुप्पी:-
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के लिए कॉलेज की मान्यता के लिए फर्जी सेल डीड के मामले में हाई कोर्ट के निर्देश के बाद बीती रात कोहेफिजा थाना में आनन-फानन में एफआईआर दर्ज की गई। रात करीब दो बजे विधायक आरिफ मसूद और अन्य को आरोपी बनाया गया। लेकिन जैसे ही कांग्रेस विधायक पर एफआईआर होने की जानकारी सार्वजनिक हुई। पुलिस अफसरों ने चुप्पी साध ली। बताया जा रहा है कि एक वरिष्ठ अफसर के दखल के कारण भोपाल शहर के पुलिस अफसर इस मामले में अपना बयान देने से बच रहे हैं।







