महापुरुषों की मूर्तियों की दुर्दशा पर पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव का कड़ा रुख: “यह हमारे आदर्शों का अनादर है”

महापुरुषों की मूर्तियों की दुर्दशा पर पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव का कड़ा रुख: “यह हमारे आदर्शों का अनादर है”
यश भारत भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पूर्व केबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक मण्डल म.प्र. भगवान सिंह यादव ने प्रदेश भर में स्थापित राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक महापुरुषों की मूर्तियों की हो रही दयनीय दुर्दशा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन महान विभूतियों के प्रति अनादर का भाव प्रदर्शित करती है, जो हमारे आदर्श हैं।
भगवान सिंह यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी तथा मुख्य सचिव अनुराग जैन से आग्रह किया है कि इस विषय पर तत्काल ध्यान देकर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएँ।
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अनेक स्थानों पर शासन एवं जनप्रतिनिधियों की पहल पर देश के महान नेताओं और धार्मिक हस्तियों की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं, लेकिन उनकी उचित देखरेख नहीं हो पा रही है। कई मूर्तियों पर महीनों तक एक ही माला पड़ी रहती है, उन पर धूल जम जाती है और उनकी पानी से सफाई वर्षों तक नहीं होती।
भगवान सिंह यादव ने कहा कि यह स्थिति उन महान विभूतियों के प्रति अनादर का भाव प्रदर्शित करती है। शासन और स्थानीय निकायों को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि सभी मूर्तियों की कम से कम महीने में एक बार धुलाई, प्रतिदिन पुष्पमाला अर्पण की व्यवस्था और जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।






