जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

पाटन के करौंदी में नकली डीएपी बनाने का भंडाफोड़, भारी मात्रा में सामग्री और ब्रांडेड बोरियां जब्त,

कृषि विभाग की छापामार कार्रवाई में तौल कांटा, संदिग्ध डीएपी और बिना अनुमति बेचे जा रहे कीटनाशक भी जब्त, गोदाम सील

जबलपुर, यश भारत। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे आकस्मिक जांच अभियान के तहत कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाटन विकासखंड के ग्राम करौंदी में नकली डीएपी बनाने के एक कथित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली डीएपी तैयार करने में प्रयुक्त सामग्री, ब्रांडेड कंपनियों की खाली बोरियां और तौल कांटा जब्त किया गया है।

उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन पंकज श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पनागर पंकज शर्मा की टीम ने ग्राम करौंदी स्थित 14 मील में बहादुर सिंह राजपूत के घर पर छापामार कार्रवाई की। यहां से दानेदार सामग्री से भरी 61 बोरियां, 100 खाली बोरियां तथा पारादीप फास्फेट लिमिटेड (पीपीएल) की डीएपी की 56 खाली बोरियां बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि दानेदार सामग्री का उपयोग नकली डीएपी तैयार करने में किया जा रहा था तथा खाली बोरियों पर स्थानीय स्तर पर पीपीएल का नाम और लोगो छपवाया गया था।

कार्रवाई के दौरान एक तौल कांटा और पीपीएल की 31 भरी हुई संदिग्ध बोरियां भी जब्त की गईं। आशंका है कि इनमें नकली डीएपी भरी गई थी। सभी सामग्री का पंचनामा बनाकर जब्त कर लिया गया है।

कृषि विभाग की टीम ने बहादुर सिंह राजपूत द्वारा संचालित विष्णु वराह कृषि केंद्र की भी जांच की। यहां से बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के बेचे जा रहे इमिडाक्लोप्रिड की 42 बोतलें, हेक्साकोनाजोल की 50 बोतलें, अटेन की 300 बोतलें और टीओपोमोजीम की 48 बोतलें जब्त की गईं। इसके साथ ही प्रतिष्ठान के कीटनाशक गोदाम को भी सील कर दिया गया।

उप संचालक कृषि ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद एवं कीटनाशक खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें।

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