घरेलू गैस का धड़ल्ले से व्यावसायिक उपयोग, खाद्य विभाग निष्क्रिय
द्वारका होटल हादसे के बाद उठ रहे सवाल

जबलपुर, यशभारत। शहर में होटल, ढाबा और चाय-नाश्ते के ठेला संचालकों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग खुलेआम किया जा रहा है, लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नियमों का उल्लंघन बेखौफ जारी है। सार्वजनिक स्थानों पर खुले में रखे घरेलू सिलेंडर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
दिखावे के लिए नीला सिलेंडर, उपयोग में लाल
जानकारी के अनुसार कई बड़े होटल संचालक केवल दिखावे के लिए व्यावसायिक नीले सिलेंडर दुकान में रखते हैं, जबकि वास्तविक उपयोग घरेलू लाल सिलेंडरों का किया जा रहा है। व्यावसायिक गैस सिलेंडर महंगे होने के कारण संचालक लागत बचाने के लिए घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं, जो नियम विरुद्ध है। घरेलू सिलेंडर कम प्रेशर के घरेलू चूल्हों के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन होटलों में गैस भट्टियों पर अधिक प्रेशर रेगुलेटर लगाकर उनका इस्तेमाल किया जाता है। इससे सिलेंडर तेजी से गर्म होता है और विशेषकर गर्मी के मौसम में विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।
नियमों के बावजूद कार्रवाई नहीं
नियमानुसार होटल संचालकों को केवल व्यावसायिक (नीले) गैस सिलेंडर का उपयोग करना अनिवार्य है। अवैध उपयोग पर द्रवित पेट्रोलियम गैस आदेश 2001 तथा द्रविकृत गैस आदेश 2000 के तहत आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बावजूद पिछले काफी समय से विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
घरेलू सिलेंडर (लाल) और व्यावसायिक सिलेंडर (नीला) रंग, वजन और आकार में अलग होते हैं। व्यावसायिक सिलेंडर बड़े और अधिक क्षमता वाले होते हैं, फिर भी शहर में खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग जारी है।
4 फरवरी को हुई थी कार्रवाई
4 फरवरी 2026 को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर एसडीएम की टीम ने ग्राहक बनकर जांच की थी। जांच में सामने आया कि कुछ गैस एजेंसियां घरेलू सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए अवैध रूप से बेच रही थीं।
जांच के बाद 12 प्रमुख गैस एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया गया था। हालांकि इसके बाद आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
द्वारका होटल में आग, सिलेंडरों की भरमार
इसी लापरवाही के बीच गुरुवार को शहर के व्यस्ततम तीन पत्ती क्षेत्र स्थित द्वारका होटल में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। बस स्टैंड चौकी पुलिस ने भीड़ नियंत्रित कर आग को फैलने से रोका। जांच में सामने आया कि होटल में घरेलू गैस सिलेंडरों से खाद्य सामग्री बनाई जा रही थी। मौके से बड़ी संख्या में घरेलू सिलेंडर और केरोसिन भी बरामद हुआ।
हादसे का खतरा, प्रशासन मौन
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर खुले में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग गंभीर सुरक्षा जोखिम है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग की निष्क्रियता से शहर में संभावित हादसे का खतरा बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाकर नियमों का पालन सुनिश्चित करता है या फिर यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का इंतजार करती हैं।








