दिल्ली से मेरठ का सफर अब सिर्फ 50 मिनट में! नमो भारत ट्रेन से जाम और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति
रैपिड रेल के संचालन से दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा होगी तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल

नई दिल्ली: दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर मेरठ के बीच यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी है! अब इन दोनों शहरों के बीच का सफर घंटों के जाम और बढ़ते प्रदूषण की समस्या से मुक्त होने वाला है। नमो भारत (रैपिड ट्रेन) के संचालन से दिल्ली से मेरठ की दूरी महज 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल यात्रियों को तेज और सुरक्षित परिवहन का विकल्प मिलेगा, बल्कि सड़कों पर वाहनों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे जाम और वायु प्रदूषण दोनों से राहत मिलेगी। सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने से लोग दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी पहले के मुकाबले काफी कम समय में तय कर पाएंगे।
एनसीआरटीसी के सर्वे में खुलासा, 46 प्रतिशत यात्री चुनेंगे नमो भारत![]()
एनसीआरटीसी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, रैपिड ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद दिल्ली से मेरठ के बीच यात्रा करने वाले लगभग 46 प्रतिशत लोग सड़क परिवहन को छोड़कर नमो भारत से सफर करना पसंद करेंगे। इस बदलाव से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-58 जैसे व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। सड़कों पर वाहनों की संख्या घटने से स्वाभाविक रूप से जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी, जिससे यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा।
निजी वाहन चालकों को भी मिलेगी राहत, यात्रा समय में होगी significant कमी
दिल्ली से मेरठ के बीच सड़कों पर ट्रैफिक कम होने का सकारात्मक प्रभाव निजी वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। वर्तमान में दिल्ली से मेरठ के बीच कार से यात्रा करने में औसतन 1.5 से 2.5 घंटे का समय लगता है, लेकिन वाहनों की संख्या कम होने पर यह दूरी एक से सवा घंटे के भीतर पूरी हो सकेगी। इसके अतिरिक्त, मोटरसाइकिल चालकों के लिए भी यात्रा में समय की बचत होगी, जो वर्तमान में एनएच-58 के रास्ते दिल्ली-मेरठ के बीच आवागमन करते हैं, क्योंकि एक्सप्रेसवे पर मोटरसाइकिलों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
वायु प्रदूषण पर लगेगी लगाम, पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी मदद
सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी आने से न केवल जाम की समस्या का समाधान होगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की एक बड़ी चिंता, वायु प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। स्मॉग और कार्बन उत्सर्जन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए रैपिड ट्रेन एक कारगर और पर्यावरण के अनुकूल समाधान साबित हो सकती है। नमो भारत के संचालन से दिल्ली से मेरठ के बीच का सफर भी वर्तमान में लग रहे समय से कम होकर लगभग 55 मिनट का रह जाएगा।
2025 के अंत तक पूरे 82 किमी रूट पर शुरू होगा संचालन
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई 82.15 किलोमीटर है। यह भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन परियोजना है, जिसमें ट्रेनें अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में दिल्ली से मेरठ के बीच सराय काले खां, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,749 मिलियन डॉलर है।
वर्तमान में नमो भारत ट्रेनें दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ के मेरठ साउथ तक 55 किलोमीटर के खंड पर सफलतापूर्वक चल रही हैं। एनसीआरटीसी का लक्ष्य 2025 के अंत तक पूरे 82 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालन शुरू करना है। जैसे ही सराय काले खां स्टेशन से ट्रेनों का संचालन शुरू होगा, यह नेटवर्क और भी अधिक मजबूत हो जाएगा, जिससे यात्रियों को और भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वर्तमान में न्यू अशोक नगर से सराय काले खां के बीच नमो भारत ट्रेन का ट्रायल रन चल रहा है, जो जल्द ही यात्रियों के लिए खुलने की उम्मीद है।





