अंबेडकर पार्क में संविदा कर्मचारियों का ‘हल्ला बोल’ 9 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन

अंबेडकर पार्क में संविदा कर्मचारियों का ‘हल्ला बोल’ 9 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन
सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
भोपाल, यशभारत: राजधानी का अंबेडकर पार्क शनिवार को संविदा कर्मचारियों के ‘हल्ला बोल’ का गवाह बना। प्रदेशभर से आए हजारों की संख्या में संविदा कर्मचारियों ने ‘संविदा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, तत्काल नियमितीकरण की मांग की।
एकजुट हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारी
विरोध प्रदर्शन में शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत और ग्रामीण विकास, नगर निगम, और विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना था कि वे नियमित कर्मचारियों के समान ही कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन उन्हें न तो समान वेतन मिलता है और न ही वे सुविधाएं, जिनके वे हकदार हैं।
‘समान काम, समान वेतन’ और नियमितीकरण मुख्य मांग
दिनेश सिंह तोमर (प्रदेश संयोजक, संविदा संयुक्त संघर्ष मंच) ने कहा, “हम 25 से 30 वर्षों से संविदा पर सेवा दे रहे हैं। हमारी नियुक्ति विधिवत प्रक्रिया से हुई थी। सरकार ने 2023 की संविदा नीति में नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएँ देने का वादा किया, लेकिन वह कागजों तक ही सीमित रहा। हमारा सीधा कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर तत्काल सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
अन्य कर्मचारियों ने ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ की मांग दोहराई और कहा कि नियमित कर्मचारियों की तुलना में उन्हें केवल एक-चौथाई मानदेय मिलता है, जो कि सरासर शोषण है।
प्रमुख 9 सूत्रीय मांगें:
नियमितीकरण/संविलियन: सीधी भर्ती में आरक्षित 50% पदों पर अनुभव के आधार पर संविलियन/नियमित किया जाए।
समान वेतन: नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान और लाभ दिए जाएं।
महंगाई भत्ता (DA): नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ते का प्रावधान हो।
बीमा और सुरक्षा: सभी संविदा कर्मियों को 20 लाख रुपए का सामूहिक बीमा प्रदान किया जाए।
अवकाश: अर्जित अवकाश, मेडिकल अवकाश और महिला कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव का लाभ मिले।
घंटी-थाली बजाकर सरकार को ‘जगाने’ का प्रयास
विरोध जताने के लिए कर्मचारियों ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने अपने हाथों में घंटी, थाली, चम्मच और लोटा लेकर उन्हें बजाया। उनका कहना था कि वे इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन से सोई हुई सरकार को जगाना चाहते हैं ताकि उनकी जायज मांगों पर ध्यान दिया जाए।
‘नहीं मानी मांग तो करेंगे उग्र आंदोलन’
संविदा नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा। उन्होंने कहा कि “यदि संवाद नहीं हुआ तो हम सरकारी कार्यालयों में ताले जड़ देंगे और प्रदेशभर में कामकाज ठप कर देंगे।” कर्मचारियों ने साफ किया कि वे अपना हक लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।







