युवाओं को खोखला कर रहा गांजा और इंजेक्शन का नशा, नागरिक बनें पुलिस की आँख-कान: पुलिस कमिश्नर

युवाओं को खोखला कर रहा गांजा और इंजेक्शन का नशा, नागरिक बनें पुलिस की आँख-कान: पुलिस कमिश्नर
छोलामंदिर के शिव नगर में सीपी संजय कुमार ने किया जनसंवाद; नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
भोपाल,यश भारत। राजधानी के छोलामंदिर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शिव नगर कॉलोनी में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनता के बीच पुलिस की मौजूदगी दर्ज कराने के उद्देश्य से एक जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
जनसंवाद के दौरान पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शिव नगर और आसपास के इलाकों में गांजे और प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों के बढ़ते चलन पर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ता नशे का यह प्रचलन न केवल उनके भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और आपराधिक चिंता का विषय भी है। सीपी ने दोटूक शब्दों में कहा कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
नागरिकों से अपील, पहचान रहेगी गुप्त
सीपी संजय कुमार ने स्थानीय निवासियों से आह्वान किया कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशा तस्करों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होगी। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत जब तक आम जनता सजग नहीं होगी, तब तक अपराध पर पूर्ण विराम लगाना संभव नहीं है, इसलिए जनता को पुलिस का आँख और कान बनना होगा।
मेडिकल स्टोरों और संदिग्ध ठिकानों पर होगी सख्त कार्रवाई
गांजे के साथ-साथ प्रतिबंधित इंजेक्शनों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए पुलिस अब सख्त कदम उठाने जा रही है। इसके लिए पुलिस और ड्रग विभाग की टीमें संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाएंगी। बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली दवाएं और इंजेक्शन बेचने वाले मेडिकल स्टोरों पर नकेल कसी जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके साथ ही शिव नगर की आंतरिक गलियों में बीट पुलिसिंग और नाइट पेट्रोलिंग को और अधिक बढ़ाने के निर्देश स्थानीय थाना पुलिस को दिए गए हैं ताकि असामाजिक तत्वों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सके।







