डॉ. राहुल अग्रवाल और डॉ. आकाश जैन के क्लीनिकों का पंजीयन निरस्तीकरण: ‘तत्काल प्रभाव’ वाली शर्त हटी, अब 60 दिन की मोहलत

जबलपुर, मध्य प्रदेश: जबलपुर में डॉ. राहुल अग्रवाल और डॉ. आकाश जैन द्वारा संचालित क्लीनिकों के पंजीयन निरस्तीकरण आदेश में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। पहले, विनियमन/2025/760 दिनांक 14 जुलाई 2025 को जारी आदेश में कहा गया था कि इन क्लीनिकों का रजिस्ट्रेशन ‘तत्काल प्रभाव से’ रद्द कर दिया जाएगा। लेकिन अब इस आदेश को संशोधित करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि निरस्तीकरण तुरंत प्रभावी नहीं होगा, बल्कि 60 दिनों की अवधि के बाद या नेशनल मेडिकल कमीशन के अगले आदेश तक लागू होगा।
क्या था पहले का आदेश और क्या हुई त्रुटि?
दरअसल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा मध्य प्रदेश, भोपाल के मूल आदेश क्रमांक एमपीएमसी/शिका-05 (2020)/2025/365, जो 31 जुलाई 2025 को जारी किया गया था, उसके अनुसार पंजीयन निरस्तीकरण को 60 दिनों की अवधि के बाद प्रभावी होना था। लेकिन, जबलपुर से जारी विनियमन/2025/760 दिनांक 14 जुलाई 2025 के आदेश में त्रुटिवश ‘तत्काल प्रभाव से लागू’ होने का उल्लेख कर दिया गया था।
संशोधन के बाद अब क्या है स्थिति?
इस त्रुटि को सुधारते हुए, नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि: “क्लीनिक पंजीयन निरस्तीकरण आदेश 60 दिवस की अवधि उपरांत या नेशनल मेडिकल कमीशन के द्वारा पारित आदेश के अनुसार प्रभावशील माना जाएगा।”
इसका सीधा अर्थ यह है कि डॉ. राहुल अग्रवाल और डॉ. आकाश जैन के क्लीनिकों के पास अपने संचालन को व्यवस्थित करने या इस निर्णय के खिलाफ अपील करने के लिए 60 दिनों का समय होगा। यह अवधि उन्हें अपने मरीजों और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभालने का अवसर देगी। साथ ही, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा इस मामले में कोई अंतिम निर्णय आने तक भी यह आदेश पूर्णतः प्रभावी नहीं होगा।







