कटनी की सड़कों पर हजारों छात्रों का पैदल मार्च, मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, हाथों में तख्तियाँ लेकर प्रदर्शन में शामिल छात्र बोले – अब नहीं चलेगी सरकार की मनमानी, देखें vedio

कटनी, यशभारत। कटनी में भी छात्र आंदोलन की चिंगारी भड़क उठी है। जंतर मंतर जैसा नजारा कुछ देर पहले कटनी के फॉरेस्टर प्ले ग्राउंड में देखने मिला। 3 हजार से ज्यादा छात्रों ने एकत्रित होकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। हाथों में बाबा साहब अम्बेडकर की तस्वीर लिए आक्रोशित युवाओं के निशाने पर सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। हाथों में तख्तियाँ लेकर शहर में मार्च कर रहे जेन जी ने बता दिया कि सरकार की मनमानी की सारी हदें अब पार हो चुकी हैं।देश के सिस्टम से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं।
फॉरेस्टर प्लेग्राउंड में प्रदर्शन करने के बाद छात्रों का मार्च शहर के लिए निकल चुका है। सुभाष चौक, झंडाबाजार, आजाद चौक, थाना तिराहा से वापस आकर फॉरेस्टर प्लेग्राउंड में रैली समाप्त होगी। प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आसपास के थानों से थाना प्रभारियों समेत पुलिस बल को कटनी बुलवा लिया गया। खास बात यह रही कि बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी फॉरेस्टर प्लेग्राउंड पहुंचे। यशभारत से बातचीत में इस प्रोटेस्ट को आर्गनाइज करने वाले युवाओं ने कहा कि यह आक्रोश अब थमने वाला नहीं है। सरकार को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना ही होगा।
कांग्रेस ने दिया समर्थन
छात्राें के इस आंदोलन को कांग्रेस ने खुलकर अपना समर्थन दे दिया है। आंदोलन स्थल पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरभ सिंह, पार्षद मौसूफ़ अहमद बिट्टू, पूर्व पार्षद राजेश जाटव, महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव द्वय रजनी वर्मा और सौम्या रांधेलिया, श्याम यादव, मीनाक्षी बलवी समेत अनेक कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर छात्रों को समर्थन दिया। कांग्रेस के लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार ने जिस तरह से छात्रों पर लाठियां बरसाई वह निंदनीय है। कांग्रेस देशभर में छात्रों के साथ खड़ी है।
सोशल मीडिया संदेश पर जमा हुई भीड़
छात्रों की यह भीड़ एक दिन पहले सोशल मीडिया पर चले संदेश के बाद जमा हुई। सुबह से ही फारेस्टर प्लेग्राउण्ड में युवाओं और छात्राओं का हुजूम एकत्रित होना शुरू हो गया। हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर पहुंच रहे छात्रों के चेहरे में केन्द्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश नजर आ रहा था। उनकी एक ही मांग है शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए। फारेस्टर प्लेग्राउण्ड में सुबह से ही युवा एकत्रित होने लगे थे। यहां माइक और साउण्ड बॉक्स लगाकर युवाओं ने अपनी बात भी रखी। युवाओं ने वंदे मातरम के नारे लगाते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा है, इसके बाद भी सरकार हमारी मांगे मानने को तैयार नहीं है। युवाओं ने कहा कि 20 जुलाई की घटना ने साबित कर दिया कि सरकार को छात्रों की मांगों से कोई लेना देना नहीं है। संसद मार्च के लिए जा रहे छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया गया, जिसमे बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए। शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे प्रदर्शन को सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने रौंदने की कोशिश की।








