
समाधान योजना में बड़ी चूक: 60% उपभोक्ता हुए बाहर, अब 9.81 करोड़ की वसूली चुनौती
जबलपुर, यश भारत। बिजली बिल बकाया निपटाने के लिए शुरू की गई समाधान योजना 2025-26 का लाभ लेने वाले हजारों उपभोक्ता अब डिफॉल्टर की श्रेणी में पहुंच गए हैं। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की योजना के आंकड़े बताते हैं कि शुरुआत में राहत पाने वाले उपभोक्ताओं में से करीब 60 प्रतिशत लोग किश्त जमा नहीं कर सके। जबलपुर शहर वृत्त में कुल 16,666 उपभोक्ताओं ने छह किश्तों में बकाया राशि जमा करने के विकल्प का चयन किया था। योजना के तहत इन्हें करीब 1.65 करोड़ रुपए की अधिभार छूट का लाभ दिया गया। लेकिन लगातार दो माह तक किश्त जमा नहीं करने पर 10,004 उपभोक्ता योजना से बाहर हो गए। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो योजना में शामिल हर पांच में से करीब तीन उपभोक्ता भुगतान व्यवस्था को बनाए नहीं रख सके। योजना से बाहर हुए उपभोक्ताओं में 7,596 सक्रिय कनेक्शनधारी और 2,408 स्थायी विच्छेदित कनेक्शन शामिल हैं। इन पर कुल 9.81 करोड़ रुपए की बकाया राशि खड़ी हो गई है। इसमें सक्रिय उपभोक्ताओं पर 8.81 करोड़ और स्थायी विच्छेदित कनेक्शनों पर 1.01 करोड़ रुपए बकाया हैं।
योजना से बाहर होते ही उपभोक्ताओं को मिली करीब 1.15 करोड़ रुपए की अधिभार छूट भी वापस बिलों में जुड़ गई है। इससे कई उपभोक्ताओं की बकाया राशि अचानक बढ़ गई है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को राहत देने और वसूली की राशि को बढ़ाने के लिए योजना शुरू की गई थी लेकिन दो क़िस्त चूक जाने के कारण बहुत बड़ी संख्या योजना से बाहर हो गई है और पूरे प्रयास पर पानी फिरते दिख रहा है।







