भोपालमध्य प्रदेश

विश्व नृत्य दिवस पर भोपाल में बिखरी आध्यात्मिक छटा, 50 नन्हे कलाकारों ने मंत्रोच्चार पर जीवंत किया कथक

विश्व नृत्य दिवस पर भोपाल में बिखरी आध्यात्मिक छटा, 50 नन्हे कलाकारों ने मंत्रोच्चार पर जीवंत किया कथक

भोपाल, यश भारत। विश्व नृत्य दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल के सांस्कृतिक वातावरण में आध्यात्मिकता और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। विविधा अकादमी के लगभग 50 नन्हे कलाकारों ने अपनी विशेष प्रस्तुति से कथक नृत्य की मोहक छटा बिखेरी। मंत्रोच्चार पर आधारित इस अनूठी प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई और आध्यात्मिक स्वरूप से रूबरू कराया।मंत्रोच्चार और घुंघरुओं की अनूठी जुगलबंदी , कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मंत्रों पर आधारित कथक नृत्य रहा। सामान्यत कथक की प्रस्तुतियां ठुमरी, तराना या भजन पर केंद्रित होती हैं लेकिन विविधा अकादमी के छात्रों ने प्राचीन मंत्रोच्चार को आधार बनाकर एक अभिनव प्रयोग प्रस्तुत किया। जब 50 छात्रों ने एक साथ मंच पर ताल मिलाई तो घुंघरुओं की झंकार और मंत्रों की गूंज ने पूरे सभागार को भक्तिमय बना दिया। छात्रों की भाव पद संचालन और सटीक चक्करों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा और अनुशासन की झलक साफ दिखाई दी। संस्कृति से जोड़ने का प्रयास, इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय कलाओं से जोड़ना था। डिजिटल दौर में जहां युवा तेजी से पश्चिमी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं वहीं इतने बड़े समूह में बच्चों का शास्त्रीय नृत्य में दक्षता हासिल करना सांस्कृतिक चेतना का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शास्त्रीय नृत्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि अनुशासन एकाग्रता और आध्यात्मिक साधना का माध्यम भी है।कठिन अभ्यास का मिला शानदार परिणाम विविधा अकादमी की निदेशिका एवं वरिष्ठ नृत्यांगना अभिलाषा तिवारी ने बताया कि इस प्रस्तुति के लिए छात्रों ने कई दिनों तक लगातार कठिन अभ्यास किया। उन्होंने कहा कि मंत्रों पर नृत्य करना चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि इसमें लय उच्चारण और आध्यात्मिक भावों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य नृत्य को केवल शारीरिक प्रस्तुति नहीं बल्कि साधना के रूप में प्रस्तुत करना था और बच्चों ने इसे पूरी निष्ठा के साथ सफल बनाया। दर्शकों ने दी स्टैंडिंग ओवेशन , कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और कला प्रेमियों ने प्रस्तुति की जमकर सराहना की। बच्चों के सात्विक भाव कथक की तकनीकी कुशलता और सामूहिक प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कई अभिभावकों ने इसे प्रेरणादायक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर कर भारतीय कला और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। भविष्य में भी जारी रहेंगे सांस्कृतिक आयोजन , कार्यक्रम के अंत में विविधा अकादमी ने भविष्य में भी इसी तरह के सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया। अकादमी का लक्ष्य भोपाल के युवाओं और बच्चों को भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की परंपराओं से जोड़ना है।

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