नशामुक्ति केंद्र में 18 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, सड़क पर घंटो चक्का जाम , मंत्री विश्वास सारंग ने दिए सख्त जांच के निर्देश

नशामुक्ति केंद्र में 18 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, सड़क पर घंटो चक्का जाम , मंत्री विश्वास सारंग ने दिए सख्त जांच के निर्देश
भोपाल यश भारत। राजधानी भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अन्ना नगर में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब 18 वर्षीय युवक एस. चंद्रू पिता शंकर की अवधपुरी स्थित एक निजी नशामुक्ति केंद्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। नाराज लोगों ने युवक का शव सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष और सख्त जांच के निर्देश दिए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार, एस. चंद्रू को चार दिन पहले नशामुक्ति उपचार के लिए अवधपुरी स्थित केंद्र में भर्ती कराया गया था। गुरुवार देर रात बाथरूम में युवक के फांसी पर लटके होने की सूचना परिजनों को दी गई। हालांकि परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र संचालकों पर लापरवाही और मारपीट के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक की मौत संदिग्ध है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। घटना की सूचना मिलते ही मंत्री विश्वास सारंग स्वयं मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री की समझाइश के बाद परिजन चक्का जाम समाप्त करने के लिए तैयार हुए जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। मंत्री विश्वास सारंग ने स्पष्ट कहा कि नशामुक्ति केंद्र की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को तत्काल प्रभाव से संबंधित नशामुक्ति केंद्र को बंद करने संचालकों एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए केंद्र की पंजीकरण संबंधी फाइलें कर्मचारियों की पृष्ठभूमि और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही केंद्र में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटना ने शहर में संचालित निजी नशामुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर ऐसे केंद्रों में सुरक्षा और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।







