मासूम से हैवानियत के बाद गांव में पसरा सन्नाटा, 300 पुलिसकर्मी नाकाम

मासूम से हैवानियत के बाद गांव में पसरा सन्नाटा, 300 पुलिसकर्मी नाकाम
सीएम मोहन यादव ने एसपी को किया लाइन अटैच।
भोपाल, यशभारत। राजधानी से लगे रायसेन जिले के गौहरगंज स्थित एक गांव में मासूम बच्ची से हुई दरिंदगी के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। डर का आलम यह है कि पिछले तीन दिनों से आंगनबाड़ी से लेकर तीसरी कक्षा तक के बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है, जिससे शिक्षण संस्थानों में सन्नाटा पसरा है। पेरेंट्स इस कदर डरे हुए हैं कि वे बच्चों को घर से बाहर तक नहीं भेज रहे हैं।
डर से स्कूलों में 40% अटेंडेंस घटी
स्थानीय सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि घटना के बाद स्कूल की अटेंडेंस 30-40% तक कम हो गई है। पेरेंट्स मीटिंग में भी माता-पिता ने बच्चों को ‘कोई उठा न ले जाए’ के डर से घर पर ही रखने की बात कही। स्कूल स्टाफ बच्चों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन घबराहट बनी हुई है।
4 दिन बाद भी ‘सलमान’ फरार, ग्रामीणों में गुस्सा
मुख्य आरोपी सलमान घटना के चार दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। गुस्साए ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और युवतियां भी शामिल हैं, कड़ाके की ठंड में रातभर धरने पर बैठी हैं। वे पुलिस की ढिलाई पर सवाल उठा रहे हैं और आरोपी की फांसी या एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की टीमें: आरोपी की तलाश में 20 टीमें और 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी लगे हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। आरोपी सलमान पर पहले से ही 2024 और 2019 में चोरी के दो मामले दर्ज हैं और वह जिला बदर रह चुका है।
इलाज में घोर लापरवाही: 2 घंटे तड़पती रही बच्ची
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब बच्ची को ओबेदुल्लागंज के सरकारी अस्पताल लाया गया, तो वह एम्बुलेंस के इंतजार में दो घंटे तक दर्द से तड़पती रही। अस्पताल में एम्बुलेंस खराब थी और बीएमओ ने फोन नहीं उठाया। आखिरकार, ग्रामीणों को बच्ची को अपनी निजी कार से एम्स भोपाल पहुंचाना पड़ा।
सीएम की सख्ती: रायसेन एसपी ‘लाइन अटैच’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने और चक्काजाम पर पुलिस की ढीली कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मंगलवार रात सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटाकर मुख्यालय अटैच करने का आदेश दिया। वर्तमान स्थिति: बच्ची की हालत एम्स भोपाल में स्थिर बनी हुई है और उसका इलाज चल रहा है, लेकिन गांव में तनाव और दहशत बरकरार है जब तक कि आरोपी पकड़ा नहीं जाता।







