भोपालमध्य प्रदेश

समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश का संकल्प, कृषि कल्याण वर्ष 2026 कार्यशाला में बना विकास का रोड मैप कृषि कल्याण एप लॉन्च

समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश का संकल्प, कृषि कल्याण वर्ष 2026 कार्यशाला में बना विकास का रोड मैप ,कृषि कल्याण एप लॉन्च‌

प्रदेश के 55 जिलों से पहुंचे अधिकारी, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

भोपाल यश भारत। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में कृषि कल्याण वर्ष 2026 की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश के संकल्प के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम गायन से हुआ। इस दौरान कृषि कल्याण एप का भी लोकार्पण किया गया जिसे किसानों तक योजनाओं और तकनीकी सेवाओं को सरल तरीके से पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यशाला में प्रदेश के सभी संभागों और 55 जिलों से कृषि विभाग , मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि तकनीकी नवाचारों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। जैविक खेती, मिट्टी परीक्षण ई-विकास प्रणाली और आधुनिक कृषि तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए।अधिकारियों को किसानों से सीधा संवाद बढ़ाने के निर्देश , कार्यशाला में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे गांव स्तर तक पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित करें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रबी और खरीफ सीजन के लिए राज्य में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में डीएपी, यूरिया और एनपीके सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। साथ ही किसानों के बीच भ्रम फैलाने वाले दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील भी की गई ई-विकास मॉडल बना नई तकनीक का आधार , कार्यशाला में ई विकास मॉडल को किसानों तक तकनीक आधारित सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया गया। जबलपुर, शाजापुर और विदिशा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को योजनाओं, मौसम, बीज, उर्वरक और बाजार संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों को हर स्तर पर सहयोग , सरकार द्वारा किसानों को लोन, कृषि यंत्र, उन्नत बीज, उर्वरक, बिजली, सौर ऊर्जा और प्राकृतिक खेती जैसी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। आपदा की स्थिति में राहत और मुआवजा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। प्रदेश में करीब 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होने से उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। कार्यशाला में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि वे सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को जागरूक करें तथा नगदी फसलों, पशुपालन और मत्स्य पालन को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में बढ़ावा दें। वर्ष 2026 में होंगी चार राज्यस्तरीय कार्यशालाएं ,‌सरकार ने वर्ष 2026 के दौरान चार राज्यस्तरीय कार्यशालाओं के आयोजन का निर्णय लिया है ताकि योजनाओं की नियमित समीक्षा और सुधार सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यशाला मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी जहां तकनीक, पारदर्शिता और किसानों से सीधा संवाद विकास की मुख्य धुरी बनकर उभर रहे हैं।

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