विधानसभा का शीतकालीन सत्र महज पांच दिन का, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष बोले जनता के सवालों से भाग रही भाजपा सरकार, सदन का समय बढ़ाने के बजाय किया जा रहा कम

विधानसभा का शीतकालीन सत्र महज पांच दिन का, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष बोले जनता के सवालों से भाग रही भाजपा सरकार, सदन का समय बढ़ाने के बजाय किया जा रहा कम
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र की अवधि महज पांच दिन निर्धारित किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता के ज्वलंत मुद्दों पर सदन में चर्चा करने से बचना चाहती है। प्रदेश में समस्याओं का अंबार लगा है लेकिन सरकार के पास विधानसभा में उन पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं है।
उमंग सिंघार ने कहा कि इससे पहले मानसून सत्र भी पांच दिन के लिए बुलाया गया था लेकिन उसे महज तीन दिन में ही समाप्त कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि बालाघाट में बच्चों की मौत सागर और देवास में जहरीली शराब से हुई मौतें किसानों की बदहाली युवाओं की बेरोजगारी महिलाओं की सुरक्षा आदिवासी अधिकार शिक्षा स्वास्थ्य बढ़ता कर्ज और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से क्यों बच रही है नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों से निर्वाचित विधायक सात करोड़ से अधिक जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में जनता से जुड़े इतने महत्वपूर्ण सवालों पर सदन में व्यापक चर्चा के लिए सत्र की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए न कि कम की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा का सत्र छोटा कर सकती है लेकिन जनता के सवालों को दबा नहीं सकती। कांग्रेस विधायक दल सदन में प्रदेश की जनता से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को मजबूती से उठाएगा और भाजपा सरकार को उसकी जवाबदेही का एहसास कराएगा।







