506 आर्मी बेस वर्कशॉप को बड़ी सफलता: ‘लाइट फील्ड गन’ का ऑटोलेइंग टेक्नोलॉजी ट्रायल रहा पूरी तरह सफल
आधुनिकीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम

जबलपुर यश भारत।विरासत की ताकत, भविष्य की सटीकता” के ध्येय वाक्य को साबित करते हुए जबलपुर स्थित 506 आर्मी बेस वर्कशॉप ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। वर्कशॉप द्वारा स्वदेशी रूप से अपग्रेड की गई ‘लाइट फील्ड गन’ का ‘ऑटोलेइंग टेक्नोलॉजी’ के साथ सी पी ई इटारसी में किया गया फायरिंग ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। इस सफल परीक्षण के साथ ही भारतीय सेना की मारक क्षमताओं में एक नया और बेहद मजबूत अध्याय जुड़ गया है।
506 आर्मी बेस वर्कशॉप के तकनीकी विशेषज्ञों ने इस पारंपरिक आर्टिलरी (तोपखाने) सिस्टम को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर नया रूप दिया है। अब इस गन में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोलेइंग सिस्टम को जोड़ा गया है। इस अपग्रेडेशन के बाद गन की मारक क्षमता और निशाना साधने की सटीकता पहले से कई गुना बढ़ गई है।

इस नई तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि युद्ध क्षेत्र या विषम परिस्थितियों में इस लाइट फील्ड गन की तैनाती बेहद कम समय में की जा सकेगी। इसके अलावा, ऑटोमैटिक सिस्टम होने के कारण गन क्रू (तोप का संचालन करने वाले जवानों) को अब बेहद कम मैन्युअल प्रयास और शारीरिक श्रम करना पड़ेगा, जिससे सेना की त्वरित कार्रवाई की क्षमता और अधिक मजबूत होगी।
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऑटोलेइंग सिस्टम का यह सफल परीक्षण पुरानी और पारंपरिक सैन्य प्रणालियों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह स्वदेशी नवाचार न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा को पुख्ता करेगा, बल्कि रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के संकल्प को भी मजबूती से सिद्ध करता है।





