व्हीएफजे को बुलेट प्रूफिंग में महारत हासिल हुई,चंडीगढ़ पुलिस के ISUZU वाहनों की हो रही बुलेट प्रूफिंग

जबलपुर यश भारत। शहर में स्थित व्हीकल फैक्ट्री जिसे रक्षा मंत्रालय ने सेना को वाहनों की आपूर्ति के लिए 1969 में आटोमोबाइल संस्थान के रूप में स्थापित किया था। अब बदले समय में व्हीएफजे आर्मर्ड कम आटोमोबाइल निर्माणी के रूप में स्थापित हो चुकी है। इसका कारण है सैनिक अर्धसैनिक बलों को दुश्मनों से सामना करने के लिए ऐसे वाहनों की आवश्यकता रही ताकि दुश्मनों से सुरक्षित मुकाबला कर सके। सेना की मांग पर पहले एमपीवी का निर्माण किया गया। उसमें कामयाबी के बाद विभिन्न राज्यों से मांग आने पर उसमें सुधार के नये प्रयोग किए जाते रहे और समय के साथ व्हीकल फैक्ट्री ने बुलेट प्रूफिंग में महारत हासिल कर ली है। जिसके चलते सैन्य और अर्धसैनिक संगठनो के वाहनों की बुलेट प्रूफिंग की मांग बढ़ती ही जा रही है।
हाल ही में चंडीगढ़ पुलिस के तीन ISUZU वाहनों को बुलेट प्रूफ का काम मिला है।उल्लेखनीय है कि दो दशक पूर्व फैक्ट्री में वाहनों को बुलेट प्रूफ बनाने का काम शुरू किया गया था। जिसके चलते 4×4 और 6×6 बुलेट प्रूफ व्हीकल बनाये गये। जिन्हें सेना के साथ विभिन्न राज्यों जम्मू कश्मीर, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि की पुलिस के लिए आपूर्ति की जाने लगी। साथ ही विभिन्न राज्यों के अर्ध सैनिक बलों की विभिन्न परिस्थितियों के चलते मांग के अनुरूप विभिन्न प्रकार के वाहनों को कस्टमाइज़ भी किया किया जाने लगा है। बताया जाता है कि चंडीगढ़ पुलिस द्वारा जल्द से जल्द ISUZI को तैयार कर मांगा। खबर है कि तमाम प्रक्रियाओं के लिए दिसंबर तक का समय मांगा गया है। जिसके लिए जोर-शोर से काम चल रहा है।यह भी जानकारी लगी है कि वर्तमान में तीन वाहनों की आपूर्ति के बाद दूसरी किस्त में और वाहन बुलेट प्रूफिंग के लिए भेजे जाएंगे







