बड़ी खबर : पंजे का वार, अमले की ढाल: अरौली में वन विभाग ने किया बाघ का रेस्क्यू, महिला पर हमले के बाद बढाई गई सुरक्षा

मण्डला। अरौली में एक घर की बाड़ी में बाघ के मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया गया तथा ग्रामीणों को सावधानी बरतने की हिदायत देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के पश्चात बाघ के सुरक्षित रेस्क्यू की कार्यवाही प्रारंभ की गई।
सुश्री अमिता के.बी., उपसंचालक, बफर जोन वनमण्डल, कान्हा टाइगर रिजर्व; डॉ. संदीप अग्रवाल, वन्यप्राणी चिकित्सक; श्री आशीष कुमार पाण्डेय, सहायक संचालक, सिझौरा तथा श्रीमती अर्चना नारनौरे, सहायक वन संरक्षक, वन विकास निगम, मण्डला की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में परिक्षेत्र खटिया के रेस्क्यू दल तथा वन विभागीय अमले द्वारा बाघ का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान थाना खटिया एवं थाना टाटरी के पुलिस बल, हॉक फोर्स, राजस्व विभाग तथा स्थानीय ग्रामीणों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से रेस्क्यू कार्य शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित रूप से सम्पन्न हुआ। इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। एवं रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया जा सका। एवं इस ऑपरेशन में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
महिला पर बाघ के हमले के बाद बढ़ाई गई थी निगरानी
उल्लेखनीय है कि दिनांक 07 अक्टूबर 2026 की रात्रि लगभग 10:15 बजे ग्राम अरौली में घर के खुले स्थान पर सो रही श्रीमती रमली बाई, पति श्री रेवाराम मरावी, उम्र 46 वर्ष, पर बाघ द्वारा हमला किया गया था। घटना की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल महिला को तत्काल शासकीय चिकित्सालय बम्हनी बंजर पहुंचाया गया।
प्राथमिक उपचार के पश्चात उन्हें जिला चिकित्सालय मण्डला तथा बेहतर उपचार हेतु जबलपुर रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पीड़िता को नियमानुसार तत्कालिक सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई। घटना के बाद वन विभाग द्वारा ग्राम अरौली एवं आसपास के क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती गई। ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से सतर्क किया गया तथा रात्रि में विशेष गश्ती दल गठित कर क्षेत्र में सघन गश्त एवं बाघ की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की गई।
बाघ को सुरक्षित क्वारन्टाइन सेंटर भेजा गया
रेस्क्यू किए गए बाघ को वन्यप्राणी चिकित्सक की निगरानी में क्वारन्टाइन सेंटर, मुक्की भेजा गया है, जहां उसके स्वास्थ्य एवं व्यवहार का परीक्षण एवं आवश्यक निगरानी की जाएगी। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में लगातार गश्ती एवं निगरानी की जा रही है तथा ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, रात्रि के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें तथा वन्यप्राणी की कोई गतिविधि दिखाई देने पर स्वयं उसके निकट न जाएं और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
वन विभाग, कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा मानव सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण दोनों को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई निरंतर जारी है।







