हादसों के बाद जागा नगर निगम, गड्ढों को भरने होगा पेंचवर्क, गुणवत्ता का ध्यान, कुठला के पास जानलेवा गड्ढों में रोज हो रही दुर्घटनाएं, युवक घायल

कटनी, यशभारत। कुठला में अग्रवाल स्टेशनरी के सामने सडक़ पर बने जानलेवा गड्ढे रोज हादसे का कारण बन रहे हैं। बुधवार रात 10 बजे हीरागंज निवासी 28 वर्षीय शुभम ताम्रकार पुरैनी से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान गड्ढे में स्कूटी का पहिया फंसने से वह अनियंत्रित होकर सडक़ पर गिर गए। स्कूटी उछलकर करीब एक फ्लांग दूर जा गिरी। शुभम के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज जारी है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इस स्थान पर यह कोई पहला हादसा नहीं है। लोगों के अनुसार दोपहर में एक ऑटो पलट गया था, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित कई सवारियों को चोटें आई। दोपहर में एक सब्जी विक्रेता बाइक समेत गिरकर घायल हुआ, जबकि शाम को दो स्कूटी सवार भी इसी जगह हादसे का शिकार हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सडक़ की बदहाली को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को कई बार सूचना दी जा चुकी है लेकिन अब तक गड्ढे नहीं भरे गए। गंभीर स्थिति यह है कि इसी हिस्से की स्ट्रीट लाइट महीनों से बंद पड़ी है। अंधेरे में वाहन चालकों को सडक़ के गड्ढे दिखाई नहीं देते और वे सीधे दुर्घटना की चपेट में आ रहे हैं। व्यस्ततम मार्ग पर एक ही दिन में लगातार हादसे होने के बावजूद सडक़ सुधार नहीं होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। सवाल सीधा है, जिम्मेदारों की नींद कब टूटेगी। हादसों के बाद या किसी बड़ी जनहानि के बाद।
शहर के प्रमुख मार्गों की हालत खराब
शहर के प्रमुख मार्गों चाका, पुरैनी, ट्रांसपोर्ट नगर, पुरानी सब्जी मंडी, पन्ना मोड़, कुठला, रचना नगर, बस स्टैंड, शिवनगर मोड़, कटनी नदी पुल, फ्लाईओवर, आस्था प्लाजा, कटायेघाट मोड़, एलआईसी बिल्डिंग, माधवनगर गेट, दुगाड़ी नाला, कलेक्ट्रेट, वन विभाग, झिंझरी और जिला न्यायालय से पीरबाबा तक कई हिस्से खराब बताए जा रहे हैं। इन मार्गों पर बने गड्ढे आवागमन के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। खराब सडक़ के कारण वन विभाग के पास हुए हादसे में एक युवक की मौत के बाद सडक़ सुधार की जरूरत और गंभीर हो गई है।
गड्ढों को लेकर एक्शन में कमिश्नर
बदहाल सडक़ों और गड्ढों को लेकर निगमायुक्त तपस्या परिहार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर सडक़ मरम्मत में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कामों में लेटलतीफी स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने क्षेत्रीय उपयंत्रियों को तीन दिन के भीतर अपने-अपने वार्डों की क्षतिग्रस्त सडक़ों का निरीक्षण कर मरम्मत के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर तत्काल सुधार की जरूरत है, वहां फिलिंग और पेचवर्क शुरू कराने के लिए कहा। काम सिर्फ गड्ढे भरने तक सीमित न रहे, बल्कि पेचवर्क गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। बस स्टैंड से पन्ना मोड़ तथा बरगवां से कलेक्ट्रेट मार्ग के गड्ढों की तत्काल फिलिंग कराने के निर्देश दिए। 








