पूर्णेकर हत्याकांड के बाद सर्वदलीय नेताओं की हुंकार

ठाणे। शिवसेना विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद ठाणे शहर में कानून-व्यवस्था का मुद्दा गरमा गया है। इस हत्याकांड को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शनिवार को ठाणे में मनसे, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, धर्मराज्य पक्ष और आरपीआई की ओर से सर्वदलीय पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया, जिसमें नेताओं ने पूर्णेकर की हत्या के बाद शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से नागरिकों में असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है और पुलिस प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
इसी दौरान सर्वदलीय नेताओं ने 9 अक्टूबर को बड़ी संख्या में ठाणे पुलिस आयुक्तालय पर मोर्चा निकालने का ऐलान किया। इस मोर्चे के जरिए कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पुलिस प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक जितेंद्र आव्हाड, पूर्व सांसद राजन विचारे, मनसे नेता अविनाश जाधव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे।
9 अक्टूबर को पुलिस आयुक्तालय पर मोर्चा
मनसे नेता अविनाश जाधव ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि 9 अक्टूबर के मोर्चे के बाद भी यदि ठाणे में कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उचित व्यक्ति के घर तक मोर्चा ले जाया जाएगा। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया।
वहीं, पूर्व सांसद राजन विचारे ने पालकमंत्री पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि पूर्णेकर की हत्या के बाद भी पालकमंत्री उनके परिवार से मिलने क्यों नहीं पहुंचे? विचारे ने सवाल किया, “क्या पालकमंत्री सो रहे हैं?” उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देना और उनकी स्थिति जानना जरूरी था।
पूर्णेकर हत्याकांड के बाद अब कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। 9 अक्टूबर को प्रस्तावित मोर्चे में कितनी संख्या में लोग शामिल होते हैं और पुलिस प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







