सीजेपी के स्कूल ठीक करो अभियान ने सामने रखी एमपी के स्कूलों की जमीनी हकीकत , वीडियो देखें

सीजेपी के स्कूल ठीक करो अभियान ने सामने रखी एमपी के स्कूलों की जमीनी हकीकत
मेहरागांव स्कूल के तत्काल समाधान और प्रदेशभर में प्रोएक्टिव स्कूल ऑडिट की मांग
भोपाल, यश भारत। सीजेपी के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत गुरुवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति उनके दस्तावेजी साक्ष्य और समस्याओं के संभावित समाधान प्रस्तुत किए गए। अभियान के तहत दमोह छतरपुर रायसेन नरसिंहपुर ग्वालियर भिंड बालाघाट सिवनी और भोपाल सहित विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों का ग्राउंड लेवल असेसमेंट किया गया। इस दौरान स्कूलों के भवन आधारभूत सुविधाओं विद्यार्थियों की संख्या और अन्य समस्याओं को फोटो, वीडियो सहित विभिन्न माध्यमों से दस्तावेजीकृत किया गया।
शिकायत तक सीमित नहीं, समाधान पर जोर
अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल स्कूलों की समस्याओं को सामने रखना नहीं बल्कि समस्या की पहचान साक्ष्य जुटाने दस्तावेजीकरण और समाधान प्रस्तावित करने की प्रक्रिया विकसित करना है। इसी उद्देश्य से स्कूल ठीक करो अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसके माध्यम से नागरिक अपने क्षेत्र के स्कूलों की समस्याओं की फोटो वीडियो और ऑडियो आदि के जरिए रिपोर्ट कर सकते हैं। आयोजकों के अनुसार प्लेटफॉर्म 22 भाषाओं में उपलब्ध है और इसका प्रदर्शन प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया।
मेहरागांव स्कूल को मॉडल के रूप में विकसित करने की पहल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेहरागांव ग्राम पंचायत की सरपंच और सुकर्मा फाउंडेशन की चेयर माया दीदी ने स्कूल की स्थिति और प्रस्तावित समाधान की जानकारी दी। उनके अनुसार उन्होंने करीब 35 वर्ष पहले इसी स्कूल में पढ़ाई की थी और पिछले दो तीन वर्षों से स्कूल की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास कर रही हैं। मामला नरसिंहपुर जिला प्रशासन से होते हुए भोपाल तक पहुंच चुका है। माया विश्वकर्मा ने मेहरागांव स्कूल को केवल भवन के रूप में नहीं बल्कि जनभागीदारी से विकसित होने वाले मॉडल स्कूल के रूप में तैयार करने की परिकल्पना रखी। इसमें पंचायत अभिभावक शिक्षक नागरिक और शासन की सहभागिता से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। अभियान से जुड़े लोगों के मुताबिक माया विश्वकर्मा के नेतृत्व में पंचायत क्षेत्र में आरओ फिल्टर प्लांट इंडोर स्टेडियम डिजिटल लाइब्रेरी और सीमेंट कंक्रीट सड़कों जैसे विकास कार्य भी किए गए हैं। इसी अनुभव के आधार पर स्कूल को स्थानीय सहयोग और जनभागीदारी का मॉडल बनाने की बात कही गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एपी सीआर की ओर से जुबैर भाई और उनकी टीम भी मौजूद रही।
दो प्रमुख मांगें रखीं
अभियान के तहत मेहरागांव स्कूल के लिए तत्काल सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और स्कूल के पुनर्निर्माण अथवा स्थायी समाधान की प्रक्रिया स्पष्ट समय सीमा के साथ शुरू करने की मांग की गई। इसके अलावा प्रदेश के सभी प्राथमिक स्कूलों का प्रोएक्टिव इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट कराने और सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई की मांग रखी गई। आयोजकों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी एक स्कूल की समस्या तक सीमित नहीं है बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें नागरिक स्कूलों की समस्याओं की रिपोर्टिंग में भागीदार बनें और शासन समस्याओं के सामने आने का इंतजार करने के बजाय पहले से उनकी पहचान कर समाधान की दिशा में काम करे।







