शिक्षकों की सेवा अवधि विवाद में हाईकोर्ट का सख्त रुख,10 साल का एरियर संभव

जबलपुर, यश भारत। मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश के पालन के लिए चार सप्ताह का अंतिम समय दिया है। न्यायमूर्ति दीपक खोट की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी, जिसे 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद शिक्षकों को सेवा संबंधी लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ी है। आदेश लागू होने पर वरिष्ठता, वेतन वृद्धि, पेंशन और एरियर से जुड़े लाभ का रास्ता साफ हो सकता है।
राजेश पांडेय सहित 497 अध्यापकों ने 2018 से पहले की शिक्षकीय सेवाओं को संविलियन में शामिल नहीं किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने पहली नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना कर वरिष्ठता और अन्य देय लाभ देने की मांग की थी।शिक्षक संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी खारिज होने के बाद सरकार को हाईकोर्ट के आदेश का जल्द पालन करना चाहिए। शिक्षकों को लंबित सेवा और वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है।







