आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने न्यायालय की शरण, जिला न्यायालय में फरियादी के वकील ने लगाया आवेदन, जमीन सौदेबाजी में आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं

कटनी, यशभारत। जमीन सौदेबाजी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया और उनके सहयोगियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को जिला न्यायालय में फरियादी आकाश लोधी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने एक आवेदन प्रस्तुत कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और संपत्ति को कुर्क किए जाने की मांग की है। फरियादी पक्ष के वकील अवनीश तिवारी ने न्यायालय के समक्ष तथ्य रखते हुए बताया कि कटनी जिला न्यायालय द्वारा आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज की जा चुकी हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में आरोपी क्षितिज राज बारापात्रे, नेहा पच्चीसिया और मारूफ अहमद हनफी की ओर से कोई भी अग्रिम जमानत याचिका लंबित नहीं है। इसके बावजूद आरोपी लगातार पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
सीबीआई जांच के लिए रिट याचिका
आवेदन में यह भी बताया गया कि लगातार विशेष जांच दल एसआईटी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है लेकिन अब तक असफल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय में सीबीआई जांच की मांग को लेकर एक रिट याचिका भी दायर की गई है। फरियादी के वकील ने न्यायालय से प्रार्थना की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 84 से 88 के तहत कानूनी शक्तियों का प्रयोग किया जाए। इसके अंतर्गत फरार आरोपियों के खिलाफ भगोड़ा घोषित करने का इश्तहार जारी करने और उनकी संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का निवेदन किया गया है।
यह है पूरा मामला
भोपाल सतर्कता विजिलेंस शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कुठला थाने में धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर 82 लाख 86 हजार रुपये मूल्य की जमीन को दबाव बनाकर महज 18 लाख 20 हजार रुपये में अपने करीबियों के नाम करा लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 8 सदस्यीय विशेष जांच टीम एसआईटी का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले की जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।






