बेरोजगारी बनी जान की दुश्मन : काम दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र ले जाकर बनाए गए थे बंधक: पुलिस ने 3 नाबालिगों समेत 10 लोगों को छुड़ाया

रीवा । सोहागी थाना क्षेत्र के बड़ागांव से काम दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र ले जाए गए 10 लोगों को सतारा जिले से रेस्क्यू किया गया है। आरोप है कि सतारा जिले की खंडाला तहसील में इन लोगों को बंधक बनाकर रखा गया था। इन्हें बृजेश पाल नाम का ठेकेदार महाराष्ट्र लेकर गया था।
बताया गया कि वहां रहने वाले लोगों को बाहर जाने और किसी दूसरे व्यक्ति को फोन करने से रोका जा रहा था। इसी दौरान उन्होंने चुपके से रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को फोन कर मदद की गुहार लगाई। कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस टीम को महाराष्ट्र भेजा गया, जहां कार्रवाई कर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के मुताबिक, बड़ागांव के लोगों ने किसी तरह रीवा कलेक्टर से संपर्क किया और अपनी स्थिति बताई। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से टीम महाराष्ट्र भेजी। टीम ने सतारा जिले में पहुंचकर सभी लोगों को रेस्क्यू किया।
फिलहाल सभी को सतारा थाने में सुरक्षित रखा गया है। सोहागी थाना प्रभारी कमलेश साहू ने बताया कि लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है और सभी सुरक्षित हैं। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है
रेस्क्यू किए गए लोगों में विनीत साहू, विनोद साहू (22), अनेक साहू, अमन तिवारी (16), विनय आदिवासी (22), गीत साहू (22), अमित आदिवासी (16), सत्यवान आदिवासी (16), सुनीता साहू और दीपक साहू शामिल हैं।
इनमें अमन तिवारी, अमित आदिवासी और सत्यवान आदिवासी की उम्र 18 साल से कम बताई गई है
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। लोगों को महाराष्ट्र ले जाने वाले ठेकेदार बृजेश पाल की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगा रही है कि लोगों को किस काम के लिए महाराष्ट्र ले जाया गया था और वहां उनके साथ क्या हुआ। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।







