भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी, ई रिक्शा और अव्यवस्थित पार्किंग बनी मुसीबत फुटपाथ पर ठेले, सड़क पर पार्किंग और चौराहों पर जाम, जिम्मेदारों की अनदेखी से राजधानी की सड़कों पर बढ़ती अव्यवस्था

भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी, ई रिक्शा और अव्यवस्थित पार्किंग बनी मुसीबत
फुटपाथ पर ठेले, सड़क पर पार्किंग और चौराहों पर जाम, जिम्मेदारों की अनदेखी से राजधानी की सड़कों पर बढ़ती अव्यवस्था
भोपाल यश भारत । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था लगातार बदहाल होती नजर आ रही है। शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति आम हो गई है। जहांगीराबाद चौराहा प्रभात चौराहा पुराना भोपाल समेत कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को मिनटों का सफर तय करने में काफी समय लग रहा है। पीक ऑवर में कई चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह आउट ऑफ कंट्रोल नजर आती है।
जाम लगने से थम जाती है राजधानी की रफ्तार
जाम की समस्या के पीछे ई रिक्शा की आवाजाही और पार्किंग भी बड़ी वजह बन रही है। चालक कई स्थानों पर सड़क किनारे चौराहों के आसपास और यातायात के दबाव वाले क्षेत्रों में ई रिक्शा खड़े कर देते हैं। सवारी बैठाने और उतारने के लिए बीच सड़क पर रुकने से यातायात की रफ्तार और धीमी हो जाती है।
फुटपाथ पर कब्जा, सड़क पर पार्किंग, आखिर किसकी जिम्मेदारी?
भोपाल में पार्किंग व्यवस्था की बदहाली भी ट्रैफिक संकट को बढ़ा रही है। कई इलाकों में सड़क के किनारे वाहन पार्क करना आम बात हो गई है। इससे सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है और थोड़े से यातायात दबाव में ही जाम लग जाता है। दूसरी ओर पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए फुटपाथ भी अतिक्रमण की चपेट में हैं। जगह जगह ठेले और अस्थायी दुकानें फुटपाथ पर कब्जा जमाए हुए हैं। ऐसे में पैदल राहगीर सड़क पर चलने को मजबूर हैं जिससे हादसे और ट्रैफिक जाम दोनों का खतरा बढ़ रहा है। लेजर पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि पार्किंग व्यवस्था मौजूद है तो उसका प्रभावी उपयोग क्यों नहीं हो रहा और सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? फुटपाथों पर अतिक्रमण और सड़कों पर पार्किंग आखिर किसकी अनदेखी या संरक्षण में चल रही है यह सवाल अब शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है।







