जनशताब्दी को प्लेटफार्म-1 प्यारा, यात्रियों को रैंप का सहारा!, रेलवे की कैसी व्यवस्था? एक ट्रेन खड़ी, हजारों यात्रियों का बढ़ा चक्कर!
इटारसी जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म-2 और 3 पर

जबलपुर यशभारत। मदन महल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के नाम पर व्यवस्थाएं तो लगातार की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर जनशताब्दी एक्सप्रेस रात 10.40 पर आकर खड़ी हो जाती है जो सुबह 5.40 मदन महल स्टेशन से रवाना होती है। इस तरह से करीब छह घंटे तक खड़ी रहने के कारण जबलपुर से इटारसी की ओर जाने वाली दूसरी ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर-2 और 3 पर लिया जा रहा है। इसका सीधा खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को रैंप के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
सीनियर सिटीजन, महिलाएं, छोटे बच्चे और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्री सबसे ज्यादा परेशान नजर आते हैं। कई बुजुर्गों के लिए सीढ़ियों और लंबे रैंप से प्लेटफार्म बदलना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके साथ ही लिफ्ट भी कभी चालू तो कभी बंद होने से यात्रियों की परेशानियां और अधिक बढ़ जाती हैं।रेलवे सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि गाड़ी के 6 घंटे तक यहां खड़े होने से अनेक घटनाएं भी पूर्व में घटित हो चुकी हैं।
एक ट्रेन का लंबा ठहराव हजारों यात्रियों की परेशानी
यात्रियों का सवाल है कि आखिर जनशताब्दी को प्लेटफार्म नंबर-1 पर करीब छह घंटे तक खड़ा रखने की ऐसी क्या मजबूरी है, जिसके कारण दूसरी ट्रेनों के यात्रियों को प्लेटफार्म बदलकर लंबा रास्ता तय करना पड़े? यदि किसी ट्रेन के लंबे ठहराव के कारण प्लेटफार्म घंटों तक व्यस्त रहता है तो रेलवे को वैकल्पिक प्लेटफार्म व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।
पिंक स्टेशन’ के दावों के बीच बुजुर्गों की परीक्षा
मदन महल स्टेशन को यात्री सुविधाओं के लिहाज से विकसित किए जाने की बातें लगातार होती रही हैं, लेकिन प्लेटफार्म बदलने के लिए यात्रियों को लगने वाला यह अतिरिक्त चक्कर सवाल खड़े कर रहा है। खासकर उन यात्रियों के लिए जो चलने में असमर्थ हैं या जिन्हें बच्चों के साथ यात्रा करनी होती है।
आखिर समस्या, समाधान कब..?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों को क्या यह परेशानी दिखाई नहीं देती? रोजाना स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म बदलने में होने वाली दिक्कत के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।यात्रियों ने मांग की है कि जनशताब्दी के लंबे ठहराव की समीक्षा कर प्लेटफार्म नंबर-1 को लंबे समय तक ब्लॉक रखने की व्यवस्था बदली जाए, ताकि इटारसी की ओर जाने वाली ट्रेनों को ऐसे प्लेटफार्म पर लिया जा सके जहां यात्रियों को अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े। यात्रियों का कहना है—रेलवे ट्रेनें समय पर चलाने के साथ यह भी सुनिश्चित करे कि यात्री अपनी ट्रेन तक आसानी और सुरक्षित तरीके से पहुंच सकें।







