अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने की शासन के आदेश की अनदेखी महाराणा प्रताप जयंती पर खोला स्कूल
विरोध के बाद आनन-फानन में बच्चो को भेजा घर

जबलपुर,यशभारत। महाराणा प्रताप जयंती पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा घोषित सार्वजनिक अवकाश की खुलेआम अवहेलना का मामला सामने आया है। अपनी कार्यशैली को लेकर पूर्व में भी विवादों में रह चुका अंजुमन इस्लामिया स्कूल प्रबंधन बुधवार को एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया। शासन के स्पष्ट आदेश के बावजूद मढ़ाताल स्थित अंजुमन स्कूल सहित उसकी अन्य शाखाओं में कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। मामला सामने आने के बाद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन को अभिभावकों को संदेश भेजकर आनन-फानन में अवकाश घोषित करना पड़ा।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य मुजम्मिल अली ने आरोप लगाया कि महाराणा प्रताप जयंती पर पूरे प्रदेश में शासकीय अवकाश घोषित है, इसके बावजूद अंजुमन स्कूल प्रबंधन ने स्कूल खोलकर शासन के आदेश की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि जब इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से बात की गई तो जिम्मेदारों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वे वक्फ से संबंधित अवकाश सूची का पालन करते हैं और उसी के अनुसार संस्थान संचालित किया जाता है।
मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। विवाद बढ़ता देख स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को संदेश भेजकर अवकाश की घोषणा कर दी, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने कहा कि शासन द्वारा घोषित अवकाश का पालन सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए अनिवार्य है। यदि अंजुमन स्कूल प्रबंधन ने आदेशों की अवहेलना की है तो उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
शासन के आदेशों की अनदेखी और विरोध के बाद अचानक छुट्टी घोषित किए जाने की घटना ने एक बार फिर अंजुमन स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।








