मौत के बाद भी बेबसी: परिजन कंधों पर उठाकर ले गए शव, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की खुली पोल
जबलपुर, यशभारत।

मौत के बाद भी बेबसी: परिजन कंधों पर उठाकर ले गए शव, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की खुली पोल
जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों को शव को मर्चुरी तक पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूर होकर परिजनों ने अपने हाथों से शव उठाकर मर्चुरी में रखा। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार सतना निवासी विपिन दाहिया को उपचार के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद जब परिजन शव को मर्चुरी तक ले जाने पहुंचे तो उन्हें स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। काफी देर तक इंतजार और कर्मचारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं होने पर परिजनों ने स्वयं शव को उठाकर मर्चुरी तक पहुंचाया।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पतालों में शामिल मेडिकल कॉलेज में यदि मृतकों के सम्मानजनक रखरखाव की ऐसी स्थिति है तो आम मरीजों और उनके परिजनों को किस प्रकार की सुविधाएं मिल रही होंगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
घटना सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। मेडिकल कॉलेज के डीन नवनीत सक्सेना ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों के इलाज के साथ-साथ मृतकों के सम्मान और उनके परिजनों के प्रति मानवीय व्यवहार को लेकर भी अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर बहस तेज हो गई है।







