FPO मामले में दूसरी एफआईआर: कंपनी के 6 डायरेक्टर समेत 9 नामजद

जबलपुर, यश भारत। फार्मा प्रोड्यूसर कंपनियों में फर्जी दस्तावेजों के मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस बार पाटन थाने में दर्ज प्रकरण में वेगमंज सीड प्रोड्यूसर लिमिटेड कंपनी के छह डायरेक्टरों सहित कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
एफआईआर कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप है कि उपार्जन कार्य से जुड़े दस्तावेजों में अनियमितताएं की गईं, नियुक्ति आदेशों और अन्य अभिलेखों में कथित रूप से कूटरचना कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। जांच में कंपनी द्वारा प्रस्तुत किसानों की सूची, बैंक खाते और भुगतान संबंधी दस्तावेजों में भी गंभीर विसंगतियां सामने आने का उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर सचिन दुबे, रजना पांडे, संदीप दुबे, अंशुल वर्मन, नेहा पांडे और उमा सिंह को आरोपी बनाया है। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारी मनीष चौरसिया, कमलेश साहू और निलेश विश्वकर्मा को भी नामजद किया गया है।
एफआईआर में उल्लेख है कि कथित फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक जानकारी के आधार पर कंपनी को करीब 39.67 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल की जा रही







