जबलपुरमध्य प्रदेश

मकान निर्माण के लिए चल रही थी खुदाई, 4 फीट नीचे मिला 12 किलो का ‘जिंदा’ मोर्टार बम!

जबलपुर यश भारत। एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट मोड पर ला दिया है। शहर के डुमना एयरपोर्ट के पास स्थित गधेरी गांव में उस समय हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब एक रिहायशी इलाके में जमीन की खुदाई के दौरान भारी-भरकम जिंदा बम बरामद हुआ। यह सनसनीखेज वाकया शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे का है, जब गांव के निवासी सुनील यादव के प्लॉट पर मकान निर्माण का काम चल रहा था। वहां मौजूद मजदूर पिलर खड़े करने के लिए कॉलम के गड्ढे खोद रहे थे। इसी दौरान करीब चार फीट की गहराई पर मजदूरों की कुदाली किसी भारी लोहे की वस्तु से टकराई। जब मलबे को साफ किया गया, तो वहां लगभग 12 किलो वजनी एक संदिग्ध मोर्टार बम दिखाई दिया। बम की खबर फैलते ही निर्माण कार्य को तुरंत रोक दिया गया और पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए फौरन इस बात की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजकुमार खटीक अपनी टीम और बम निरोधक दस्ते के साथ आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच और बारीकी से मुआयना करने के बाद विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि यह 12 किलो का एक बेहद शक्तिशाली मोर्टार बम है और सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि यह बम अभी भी जीवित अवस्था में है। मामले की संवेदनशीलता और खतरे को देखते हुए पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए आम लोगों को घटनास्थल से काफी दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रिहायशी इलाके के बीचों-बीच इतना बड़ा और घातक सैन्य बम जमीन के अंदर कैसे पहुंचा और यह कितना पुराना है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि यह सेना के इस्तेमाल में आने वाला पुराना मोर्टार बम हो सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक और सटीक पुष्टि विशेषज्ञों की विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस ने इस बेहद संवेदनशील मामले की जानकारी सेना के आला अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस कप्तानों को दे दी है। फिलहाल बम को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है और शनिवार को आर्मी व बम स्क्वॉड की संयुक्त निगरानी में इसे पूरी सावधानी के साथ डिफ्यूज किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह के बड़े हादसे को टाला जा सके।

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