फर्जी दस्तावेजों के सहारे पेट्रोल पंप संचालन का आरोप, EOW ने दर्ज किया मामला, पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में

जबलपुर, यशभारत। फर्जी एवं कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर पेट्रोल पंप संचालन और संपत्तियों के अवैध नामांतरण के गंभीर मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) भोपाल ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। मामले में गौरव इंगोले एवं धीरज कराडे के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार स्नेह नगर निवासी दीप्ति श्रीवास्तव की शिकायत पर EOW भोपाल ने एफआईआर क्रमांक 0067/2026 दिनांक 20 मई 2026 को भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471, 420 एवं 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गौरव इंगोले और धीरज कराडे ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर दीप्ति श्रीवास्तव एवं उनके कानूनी उत्तराधिकार की संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा जमाया और उन्हीं संपत्तियों के आधार पर इंडियन ऑयल का “रिलायबल ऑटो सर्विस” पेट्रोल पंप (सालीवाड़ा, मंडला रोड) तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम का “यूवन इंजीनियरिंग कंपनी” पेट्रोल पंप (तिलवारा, नागपुर रोड) संचालित किया जा रहा था।
शिकायतकर्ता दीप्ति श्रीवास्तव ने बताया कि उनके दादाजी मारुति राव इंगोले के नाम दर्ज ग्राम जोतपुर, ग्राम पंचायत घूंसौर स्थित खसरा नंबर 160, 163, 168 एवं 169 सहित राइट टाउन स्थित संपत्तियों 1830/1 एवं नलिनी अपार्टमेंट की संपत्तियों का नामांतरण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करा लिया गया। आरोप है कि इन संपत्तियों से प्राप्त धनराशि से अन्य संपत्तियां भी खरीदी गईं, जिनकी विस्तृत जांच EOW द्वारा की जा रही है।
मामले में पेट्रोलियम कंपनियों के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस प्रकार का संचालन संभव नहीं था। वहीं राजस्व अधिकारियों की भूमिका और नामांतरण प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार कई संपत्तियां फर्जी तरीके से नामांतरित कर बेचे जाने की आशंका है। EOW ने संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है।







