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कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने बड़ा प्रशासनिक फैसला ,आरसी कॉम्प्लेक्स सहित 32 नामांतरण आदेश निरस्त, तत्कालीन तहसीलदार दीपक पटेल पर होगी विभागीय कार्रवाई

जबलपुर। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए तहसील अधारताल में पारित आरसी कॉम्प्लेक्स सहित 32 नामांतरण आदेशों को निरस्त कर दिया है। कलेक्टर न्यायालय में चल रहे पुनरीक्षण प्रकरणों की सुनवाई के बाद यह कार्रवाई की गई। साथ ही तत्कालीन तहसीलदार दीपक पटेल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, आरसी कॉम्प्लेक्स के नामांतरण हेतु सतीश कुमार अग्रवाल एवं शिप्रा अग्रवाल द्वारा 3 मई 2024 को आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिस पर तहसीलदार द्वारा 30 मई 2024 को आदेश पारित कर दिया गया था। मामले की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद कलेक्टर न्यायालय ने इसे पुनरीक्षण में लिया।

कलेक्टर ने जांच में पाई कई गंभीर खामियां-आवेदन के साथ 70 वर्ष पुराने दस्तावेज लगाए गए थे, जिनकी पर्याप्त जांच नहीं की गई।आवेदन अधूरा था और उसमें कई जानकारियां खाली थीं।शपथ पत्र बिना वैध टिकट एवं गवाह हस्ताक्षर के प्रस्तुत किया गया।ऑनलाइन शुल्क चालान संलग्न नहीं था।प्रमाणित प्रतियों के बजाय केवल छायाप्रतियों के आधार पर आदेश पारित कर दिया गया।आदेशिका और वास्तविक आदेश की तारीखों में अंतर पाया गया।लंबे समय बाद नामांतरण की मांग के पीछे कोई स्पष्ट कारण प्रस्तुत नहीं किया गया।

शासन को हुई आर्थिक क्षति-कलेक्टर ने माना कि तहसीलदार द्वारा म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 110(4) के तहत लगाए जाने वाले 5 हजार रुपये प्रति प्रकरण के अर्थदंड भी नहीं लगाए गए, जिससे शासन को कुल 1 लाख 60 हजार रुपये की वित्तीय क्षति हुई।

राजस्व रिकॉर्ड सुधारने के निर्देश-कलेक्टर न्यायालय ने आदेश निरस्त करते हुए राजस्व अभिलेखों को तत्काल पूर्ववत करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने कहा-“पुराने तहसीलदार द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग कर नामांतरण आदेश पारित किए गए थे। पर्याप्त सुनवाई और जांच के बाद आरसी कॉम्प्लेक्स सहित अन्य गलत नामांतरण आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।”

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