कटनी

स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल, नगर निगम के दावों की खुल रही पोल

निगमायुक्त के प्रयासों को पलीता लगा रहे अधीनस्थ, जमीनी स्तर पर बिगड़ती स्थिति से बढ़ी नाराजगी

स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल, नगर निगम के दावों की खुल रही पोल

निगमायुक्त के प्रयासों को पलीता लगा रहे अधीनस्थ, जमीनी स्तर पर बिगड़ती स्थिति से बढ़ी नाराजगी20260516 064246 scaled

IMG 20260522 WA0046 IMG 20260522 WA0045 IMG 20260522 WA0044

कटनी, यशभारत। नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। एक ओर निगम आयुक्त तपस्या परिहार शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर उनके ही अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही इन प्रयासों को पलीता लगाती नजर आ रही है।

नगर निगम का स्वच्छता अभियान केवल शहर के प्रमुख मार्गों तक सीमित दिखाई दे रहा है, जबकि लाल बहादुर शास्त्री वार्ड, इंदिरा गांधी वार्ड, बाल गंगाधर तिलक वार्ड, राम मनोहर लोहिया वार्ड सहित कुठला क्षेत्र के कई वार्डों में हालात बेहद खराब बने हुए हैं।

इन इलाकों में सड़कों पर फैला कचरा, जाम नालियां और गंदा पानी निगम के स्वच्छता दावों की वास्तविक तस्वीर उजागर कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है और कचरा वाहन भी समय पर नहीं पहुंचते।

सूत्रों के अनुसार सफाई कर्मचारियों की कमी और जिम्मेदारियों के असंतुलित बंटवारे के कारण शिव नगर, राम नगर, बालाजी नगर, मोहन नगर, जय माँ कॉलोनी, हरिजन बस्ती, शिवाजी नगर, सड़क मोहल्ला और कुठला बस्ती जैसे बड़े क्षेत्र लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि कुछ स्थानों पर दैनिक वेतन सफाई कर्मचारियों को वार्ड दरोगा की जिम्मेदारी दे दी गई है, जबकि उनकी जगह पर पर्याप्त सफाई कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं यह भी आरोप है कि स्थायी कर्मचारियों को सुपरवाइजर की भूमिका नहीं देकर दैनिक वेतन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे कार्यप्रणाली में असंतुलन पैदा हो रहा है।

नागरिकों का कहना है कि कचरा वाहन के नाम पर भी स्थिति बेहद खराब है। वार्डों में वाहन नियमित रूप से नहीं पहुंचते, जबकि नगर निगम द्वारा कचरा संग्रहण के नाम पर शुल्क वसूला जा रहा है। कई बार शिकायत के बाद वाहन पहुंचते भी हैं तो “कचरा बाला” का गीत सुनाकर बिना कचरा उठाए लौट जाने के आरोप भी स्थानीय लोगों ने लगाए हैं।

कुठला बस्ती क्षेत्र के रविमोहन श्रीवास्तव, उषा श्रीवास्तव, कमल चौधरी और शिवा चौधरी सहित कई नागरिकों ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही जमीनी स्तर पर सुधार नहीं हुआ तो नगर निगम के स्वच्छता अभियान के बड़े दावे केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे और वास्तविकता पूरी तरह सामने आ जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button