ग्राम प्रधानों ने उठाई कार्यकाल बढ़ाने की मांग, विधायक को सौंपा ज्ञापन
जनहित में निर्णय की अपील

बाराबंकी:- सिद्धौर:- त्रिस्तरीय पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने और लोकतांत्रिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से ‘प्रधान संघ विकास खण्ड-सिद्धौर’ ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को संघ के अध्यक्ष सत्यनाम सिंह के नेतृत्व में प्रधानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की।
प्रमुख बिंदु और मांगें:
कार्यकाल की समाप्ति: ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
प्रशासकों की नियुक्ति का विरोध: प्रधानों का तर्क है कि यदि चुनाव समय पर नहीं होते और निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्थान पर सरकारी प्रशासक नियुक्त किए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन होगा।
पुराना अनुभव: पत्र में जिक्र किया गया कि कोरोना काल के दौरान जब प्रशासक नियुक्त किए गए थे, तब वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई थीं, जिससे ग्रामीणों का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा कम हुआ था।
अन्य राज्यों का उदाहरण: प्रधान संघ ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों का हवाला दिया, जहाँ समान परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही कार्यभार सौंपकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को जारी रखा गया था।
जनहित में निर्णय की अपील
ज्ञापन के अंत में कहा गया है कि यह मामला सीधे तौर पर ग्रामीण विकास और करोड़ों ग्रामीणों की अपेक्षाओं से जुड़ा है। प्रधानों ने राज्य मंत्री सतीश शर्मा से अनुरोध किया है कि वे इस विषय पर शासन स्तर पर चर्चा कर सकारात्मक निर्णय दिलवाएं, ताकि गांवों के विकास कार्य बाधित न हों। इस दौरान विपिन कुमार, जाकिर अली, शाकिर अली,संगीता देवी, अर्चना वर्मा, कमलेश कुमार, जितेंद्र कुमार और आशा खातून समेत कई ग्राम प्रधानों ने अपने हस्ताक्षर और मुहर के साथ इस मांग का समर्थन किया।







