अवैध निर्माण पर तारीख पर तारीख से जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल?
भू-माफिया के आगे नतमस्तक प्रशासन,कई शिकायतों के बाद भी शान खड़े अवैध निर्माण पर विनियमित क्षेत्र और नगरपालिका संदेह के घेरे में

अवैध निर्माण पर तारीख पर तारीख से जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल?
भू-माफिया के आगे नतमस्तक प्रशासन,कई शिकायतों के बाद भी शान खड़े अवैध निर्माण पर विनियमित क्षेत्र और नगरपालिका संदेह के घेरे में
गोण्डा ,यश भारत। अवैध निर्माण पर योगी सरकार की सख्ती नगर पालिका और विनियमित क्षेत्र की भ्रष्ट व्यवस्था के चलते गोंडा में दम तोड़ती नजर आ रही है।
ऐसा हम नहीं यह मामला बयां कर रहा है, जिसमें कई शिकायतों और मीडिया में सुर्खियां बनी शहर के मालवीय नगर इलाके में बिना नक्शे व फ्री-होल्ड के नजूल की भूमि पर बनी एक तीन मंजिला इमारत कई शिकायतों और जांच व कार्रवाईयों के बीच सीना ताने खड़ी सीएम योगी के आदेशों और निर्देशों की धज्जियां उड़ा रही है।
बता दें कि, कुछ महीने पूर्व शहर के मालवीय नगर स्थित किसी सुधीर कुमार सोनी द्वारा नजूल की भूमि पर बगैर नक्शे व फ्री-होल्ड के एक तीन मंजिला इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। जिसकी तमाम लोगों ने शिकायतें भी कीं व यह मीडिया की सुर्खियां भी बनी जिस पर गंभीरता दिखाते हुए
तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट विजय शर्मा इसे ढहाने की तैयारी भी कर चुके थे। उनके सख्त रुख को देखते हुए नगर पालिका ने निर्माण स्थल से बांस-बल्लियां नगर पालिका ने जमा करवा लिया था, और उसके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। कि, अचानक उनका स्थानांतरण प्रयागराज हो गया और फिर उसके बाद यह मामला वहीं अटकते हुए नगरपालिका और विनियमित क्षेत्र के कर्मचारियों व अधिकारियों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, और रातों-रात तीन मंजिला निर्माण पूरा हो गया। जिसकी फिर हुई शिकायतों के बाद यह नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय की तारीखों में उलझ गई और तारीख दर तारीख इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई खिसकते हुये अब साल बीतने को है।बावजूद इसके नगर मजिस्ट्रेट किसी निर्णय पर पहुँचते नहीं दिख रहे।
अब सवाल यह है कि,जब विनियमित क्षेत्र और नगर पालिका दोनो के ही सामने यह स्पष्ट है कि,तीन मंजिला इमारत नजूल की भूमि पर खड़ी है,जिसका न कोई नक्शा स्वीकृत है और न ही वह फ्री होल्ड। फिर भी तमाम शिकायतों के बावजूद कैसे तीन मंजिला इमारत का निर्माण हो गया? जो विनियमित क्षेत्र और नगर पालिका दोनों को ही संदेह के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।लोग बताते हैं कि,दोनो जगहों पर बड़े चढ़ावों के चलते ही विनियमित क्षेत्र और नगर पालिका दोनो ने इस ओर से अपनी आंखें बंद कर रखी हैं और तारीख पर तारीख में इस अवैध निर्माण को वैद्य निर्माण में तब्दील करने की साजिश पर आगे बढ़ रहे हैं।
*बड़ा शातिर है भू माफिया सुधीर*
लोगों के मुताबिक रसूखदार सुधीर सोनी भू-माफिया किस्म का व्यक्ति है जिसके बारे में चर्चा है कि, उसकी ऐसी जमीनों पर नजर रहती है व ऐन-केन प्रकारेण वह उसपर काबिज होकर विभागीय मिलीभगत से निर्माण कर लेता है, और यदि कोई शिकायत करता है तो वह उसको लालच देता है न मानने पर वसूली जैसे गंभीर आरोप भी लगा देता है। जिला प्रशासन को इस शातिर भू-माफिया की संपत्तियों की जांच करानी चाहिए। जिससे यह पता चल सके कि, इस तीन मंजिला इमारत के निर्माण के अलावा और कितनी अवैध प्रापर्टी है इसके कब्जे में।
*कार्रवाई से बचने के लिए भू-माफिया ने लिया पत्रकारिता का सहारा*
भू-माफिया सुधीर सोनी अपने मालवीय नगर स्थित तीन मंजिला अवैध निर्माण को बचाने के लिए पत्रकार भी बन गया है। जो अब अधिकारियों व कर्मचारियों को उसके काले कारनामों की शिकायत पर पत्रकार होने का धौंस देते हुए कार्रवाई न करने का दबाव बनाता है।। जसके चलते उसका ये तीन मंजिला अवैध निर्माण सीना ताने खड़ा हुआ जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा है।







