बंगाल में BJP का बड़ा चेहरा बने शुभेंदु अधिकारी, विधायक दल का नेता चुने गए
ममता बनर्जी को हराने वाले नेता अब संभालेंगे पश्चिम बंगाल की कमान, कल लेंगे CM पद की शपथ

बंगाल में BJP का बड़ा चेहरा बने शुभेंदु अधिकारी, विधायक दल का नेता चुने गए
ममता बनर्जी को हराने वाले नेता अब संभालेंगे पश्चिम बंगाल की कमान, कल लेंगे CM पद की शपथ
कोलकाता। शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसके साथ ही उनके राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को कोलकाता में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की गई।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे विधायकों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी। शुभेंदु अधिकारी शनिवार 9 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
ममता को हराकर बने बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा
55 वर्षीय शुभेंदु अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 293 में से 207 सीटों पर जीत हासिल कर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। शुभेंदु अधिकारी बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
कांग्रेस से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। वर्ष 1995 में वे कंटई नगर पालिका के पार्षद चुने गए थे। बाद में वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई।
दिसंबर 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा। 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में आ गए। इसके बाद वे पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।
राजनीतिक परिवार से रखते हैं संबंध
शुभेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उनके भाई दिब्येंदु अधिकारी और सौमेंद्र अधिकारी भी राजनीति में सक्रिय हैं। शुभेंदु अधिकारी अविवाहित हैं और लंबे समय से बंगाल की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।






