कटनी

एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब नहीं बेच सकेंगे ठेकेदार, दुकानों पर लगेंगे क्यू आर कोड, स्केन करते ही दिखेगी रेट लिस्ट, मनमाने रेट पर शराब बेचने पर विभाग करेगा कार्रवाई

कटनी, यशभारत। जिले की आधा सैकड़ा से अधिक देशी और विदेशी शराब दुकानों पर अब ठेकेदार एमआरपी से अधिक कीमतों पर मदिरा नहीं बेच सकेंगे। इसके लिए प्रदेश के आबकारी विभाग ने नई पहल की है। अब दुकानों पर क्यू आर कोड चस्पा किए जाएंगे, जिससे ग्राहक इन क्यू आर कोड को स्केन कर शराब की कीमतें पता लगा सकेंगे और यदि कोई ठेकेदार मनमाने रेट पर शराब बेचता है तो ग्राहक विभागीय अधिकारी के पास इसकी शिकायत कर सकता है। गौरतलब है कि विगत एक अपै्रल से जिले में शराब का नया ठेका लागू हुआ है। नए ठेके से सरकार को पिछले साल की तुलना में अधिक राजस्व मिला है। नया ठेका लागू होने के बाद मनमाने रेट पर शराब की बिक्री किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही है। जिसको लेकर अब आबकारी विभाग एक्शन मूड में नजर आ रहा है। मदिरा दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए अब प्रत्येक मदिरा दुकान पर क्यूआर कोड चस्पा करना अनिवार्य कर दिया गया है। कटनी की बात करें तो यहां क्यू आर कोड चस्पा किए जाने के निर्देश कल शाम को ही आए हैं और विभाग ने दुकानों में क्यू आर कोड चस्पा किए जाने की पूरी तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक क्यू आर कोड को जनरेट किया जाने के बाद इसको दुकानों में लगा दिया जाएगा।
शिकायतों के बाद लिया निर्णय
जिले में शराब की दुकानों पर न केवल अधिकतम विक्रय मूल्य एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के चलते न्यूनतम विक्रय मूल्य एमएसपी से कम पर भी मदिरा बेची जा रही है। इन अनियमितताओं को लेकर यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था से न केवल ग्राहक लुटने से बचेगा, बल्कि मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों का सत्यापन कर सकेगा। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर रेट लिस्ट खुल जाएगी। कोई दुकान संचालक यदि निर्धारित एमएसपी से कम या एमआरपी से ज्यादा पर बिक्री करता है तो मध्यप्रदेश राजपत्र की कंडिका 21.2 एवं 21.3 के तहत उसके विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उपभोक्ता अब सीधे मौके पर ही रेट का मिलान कर सकेंगे।
इनका कहना है
यह कदम उपभोक्ताओं को पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें दुकानों के प्रमुख हिस्सों पर लगाया जाएगा। कोई लायसेंसी ठेकेदार यदि इन नियमों की अनदेखी करता है या निर्धारित दरों से अलग बिक्री करता पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी।
-सुश्री विभा मरकाम
जिला आबकारी अधिकारी

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