शादी सीजन में बाजारों में रौनक, साफा-पगड़ी से लेकर चूड़ियों तक के दाम बढ़े
महंगाई के बावजूद खरीदारी जारी, दुकानदार बोले— लागत बढ़ने से बढ़े रेट

शादी सीजन में बाजारों में रौनक, साफा-पगड़ी से लेकर चूड़ियों तक के दाम बढ़े
महंगाई के बावजूद खरीदारी जारी, दुकानदार बोले— लागत बढ़ने से बढ़े रेट

कटनी, यशभारत। शहर में शादी का सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक लौट आई है। लोग शादी की तैयारियों में जुट गए हैं, जिससे कपड़ा, सजावट और अन्य शादी सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। खासकर बाजार इन दिनों खरीदारी का प्रमुख केंद्र बना है, जहां सुबह से शाम तक अच्छी चहल-पहल देखी जा रही है।
हालांकि इस बार बाजार की रौनक के बीच महंगाई ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। शादी में उपयोग होने वाली लगभग हर सामग्री के दामों में इजाफा हुआ है। दूल्हे से जुड़ी सामग्री में सबसे ज्यादा असर साफा और पगड़ी पर पड़ा है। जो साफा पहले 350 रुपए में मिल जाता था, वह अब 450 रुपए तक पहुंच गया है, जबकि पगड़ी 400 रुपए से बढ़कर 550 रुपए हो गई है।
माला, कलगी और अन्य सजावटी सामान के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मड़फन पीड़ा, जो पहले 100 रुपए में मिलता था, अब 150 रुपए तक पहुंच गया है, वहीं सिंधौरा के दाम 200 से बढ़कर 250 रुपए हो गए हैं।
दुल्हन से जुड़ी सामग्री भी महंगाई से अछूती नहीं रही है। मेकअप के सामान और चूड़ियों के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। एक सामान्य क्रीम, जो पहले 58 रुपए में मिलती थी, अब 79 रुपए में बिक रही है। चूड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी से महिलाओं की तैयारियों का बजट भी प्रभावित हुआ है।
व्यापारियों के अनुसार साफा के कपड़े का आयात महंगा होने, ईंधन और गैस की कीमतों में वृद्धि तथा परिवहन खर्च बढ़ने से यह असर पड़ा है। पिछले 15 दिनों में ही अधिकांश वस्तुओं के दाम 100 से 150 रुपए तक बढ़ गए हैं। ऐसे में जहां बाजारों में भीड़ है, वहीं लोग सीमित बजट में खरीदारी करने को मजबूर नजर आ रहे हैं।
दुकानदार शुभम कचेर ने बताया कि महंगाई जरूर है, लेकिन जिनके घर शादी है उनकी खरीदारी जारी है। वहीं विकास जैन ने कहा कि साफा का कपड़ा इंडोनेशिया से आयात होने के कारण महंगा हुआ है, जबकि चूड़ियों के दाम गैस सिलेंडर की कमी से प्रभावित हुए हैं। इन कारणों से शादी से जुड़ी खरीदारी पर सीधा असर पड़ रहा है।







