दर्दनाक हादसा: क्रेशर खदान में नहाने गए 7 दोस्तों में से 3 की मौत, एक को बचाने के चक्कर में डूबे दो और साथी

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ शहर के बहेरिया थाना क्षेत्र स्थित ग्राम गुड़ा में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए क्रेशर खदान के गहरे पानी में नहाने उतरे सात दोस्तों में से तीन की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब एक दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के लिए दो अन्य साथियों ने भी पानी में छलांग लगा दी, लेकिन पानी की गहराई और दलदल के कारण तीनों ही काल के गाल में समा गए।
चेतावनी को अनसुना करना पड़ा भारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैंट थाना क्षेत्र के बंगला नंबर 9 और पुराना आईटी ऑफिस इलाके के रहने वाले सात दोस्त शुक्रवार दोपहर गुड़ा गांव के पास स्थित एक बंद पड़ी क्रेशर खदान में नहाने पहुंचे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, वहां मौजूद ग्रामीणों ने युवाओं को खदान के गहरे पानी में जाने से टोका भी था, लेकिन उत्साह और मस्ती के बीच युवाओं ने इस चेतावनी को अनसुना कर दिया। नहाते समय अचानक तपस कोरी (तनिष्क कोरी) गहरे पानी में समाने लगा। उसे डूबता देख अभिषेक और तेजराम पटेल ने उसे बचाने के लिए साहसिक प्रयास किया, लेकिन वे खुद भी गहरे पानी से बाहर नहीं निकल सके।
एक दोस्त को सुरक्षित निकाला, तीन लापता
किनारे पर मौजूद अन्य दोस्तों ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी जींस और कपड़े पानी में फेंककर एक अन्य साथी आयुष को तो डूबने से बचा लिया, लेकिन बाकी तीनों दोस्त आंखों के सामने ही ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बहेरिया पुलिस, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची। खदान की अत्यधिक गहराई और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, 4-4 लाख की सहायता का ऐलान
देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अभिषेक का शव बरामद कर लिया गया था, जबकि अन्य दो साथियों की तलाश जारी रही। मौके पर नरियावली विधायक प्रदीप लारिया और जिले के आला अधिकारियों ने पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
अवैध खदानों पर सख्ती की तैयारी
इस हादसे ने एक बार फिर बंद पड़ी और असुरक्षित खदानों के खतरे को उजागर कर दिया है। प्रशासन अब ऐसी खतरनाक जगहों पर फेंसिंग करने और अवैध रूप से संचालित या असुरक्षित छोड़ी गई खदानों पर सख्ती बरतने की तैयारी कर रहा है। मृतक युवाओं के घरों में इस घटना के बाद से मातम छाया हुआ है।







