भोपाल

आयुष्मान पोर्टल की सुस्ती से बढ़ी मरीजों की परेशानी – नए नियमों के बीच सर्वर समस्या से इलाज प्रक्रिया प्रभावित

आयुष्मान पोर्टल की सुस्ती से बढ़ी मरीजों की परेशानी
– नए नियमों के बीच सर्वर समस्या से इलाज प्रक्रिया प्रभावित
भोपाल, यश भारत। आयुष्मान योजना के तहत इलाज की प्रक्रिया में हाल ही में किए गए बदलाव और पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए स्थिति और भी कठिन हो गई है। नर्मदापुरम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को डायलिसिस कराने पहुंचे कई मरीजों को पोर्टल पर अप्रूवल नहीं मिलने के कारण घंटों तक अस्पताल में रुकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे सात मरीजों का डायलिसिस पूरा हो गया था। इनमें से छह मरीज आयुष्मान योजना के तहत उपचार ले रहे थे। अस्पताल प्रबंधन ने इन मरीजों से आयुष्मान कार्ड के अप्रूवल के लिए बायोमेट्रिक अंगूठा सत्यापन करने को कहा, लेकिन पोर्टल का सर्वर धीमा होने और बार-बार डाउन होने के कारण बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते कार्ड का अप्रूवल भी जारी नहीं हो पाया।
अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों और उनके परिजनों को स्पष्ट कर दिया कि जब तक आयुष्मान पोर्टल से अप्रूवल नहीं मिल जाता, तब तक मरीज अस्पताल से नहीं जा सकते। इसके कारण कई मरीजों को शाम करीब 5 बजे तक अस्पताल में ही रुकना पड़ा। जबकि डायलिसिस के बाद मरीजों को आराम की आवश्यकता होती है, ऐसे में लंबे समय तक अस्पताल में बैठकर इंतजार करना उनके लिए काफी परेशानी भरा साबित हुआ।
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से अनुरोध किया था कि सर्वर चालू होने पर वे दोबारा आकर अंगूठा सत्यापन करा देंगे, लेकिन प्रबंधन ने इसकी अनुमति नहीं दी। परिजनों ने यह भी प्रस्ताव रखा कि वे फिलहाल डायलिसिस का शुल्क जमा कर देते हैं और बाद में अप्रूवल आने पर राशि वापस कर दी जाए, लेकिन इस विकल्प को भी अस्पताल ने स्वीकार नहीं किया।
एक मरीज के परिजन अमित कुमार ने बताया कि उनके मरीज का डायलिसिस दोपहर में ही पूरा हो गया था, लेकिन पोर्टल काम नहीं करने के कारण उन्हें कई घंटे अस्पताल में बैठकर इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि किडनी मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है और ऐसी स्थिति में तकनीकी समस्याओं के कारण होने वाली देरी मरीजों के लिए गंभीर परेशानी बन सकती है।

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