नगर निगम में तालाबंदी, भ्रष्टाचार का चल रहा बंदरबांट और बदहाल सफाई व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला
जबलपुर की जनता नाराज़, टैक्स बढ़ोतरी को लेकर पार्षदों का घेराव

जबलपुर, यश भारत। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, बढ़ते टैक्स और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में घेराव कर तालाबंदी कर दी। प्रदर्शन के दौरान पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार बंदरबांट की तरह चल रहा है, जहां ठेकेदार, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर संसाधनों का बंटवारा कर रहे हैं, जबकि जनता को सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर दो से चार गुना तक टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन शहर में कूड़े के ढेर लगे हैं और व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कचरा प्रबंधन के ठेकों में अनियमितताएं हैं और आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान में गड़बड़ी की जा रही है। लाल बिल्डिंग को भ्रष्टाचार का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि तालाबंदी के जरिए इस व्यवस्था के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया है।
पार्षद अयोध्या तिवारी ने जबलपुर की जनता की नाराज़गी को मुद्दा बनाते हुए कहा कि शहर के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग त्रस्त और नाराज़ हैं। उन्होंने कहा कि न डोर-टू-डोर कचरा गाड़ियां समय पर पहुंच रही हैं, न पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही सफाई की कोई ठोस व्यवस्था दिख रही है। तिवारी ने कहा कि जबलपुर की जनता से टैक्स तो पूरा लिया जा रहा है, लेकिन बदले में सुविधाएं शून्य हैं, जिससे लोगों में भारी असंतोष है।
.jpeg)
नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने भी नगर निगम पर हमला बोलते हुए कहा कि अनाप-शनाप टैक्स वसूले जा रहे हैं, लेकिन शहर में न सफाई है और न ही विकास कार्य। उन्होंने कहा कि कचरा गाड़ियां महीने में एक-दो बार ही पहुंच रही हैं और कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हैं।
कांग्रेस पार्षद दल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को वार्ड स्तर तक ले जाया जाएगा और जनता के मुद्दों पर लगातार विरोध जारी रहेगा।







