एम्स भोपाल और इरास्मस मेडिकल सेंटर के बीच फार्माकोजीनोमिक्स में सहयोग की पहल

एम्स भोपाल और इरास्मस मेडिकल सेंटर के बीच फार्माकोजीनोमिक्स में सहयोग की पहल
भोपाल यश भारत। चिकित्सा अनुसंधान और उन्नत उपचार पद्धतियों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एम्स भोपाल और इरास्मस मेडिकल सेंटर के बीच फार्माकोजीनोमिक्स और प्रिसिजन मेडिसिन में अकादमिक सहयोग की पहल की गई है। नीदरलैंड्स के रॉटरडैम स्थित इरास्मस मेडिकल सेंटर के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में एम्स भोपाल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व क्लिनिकल बायोइन फॉर्मेटिक्स प्रमुख प्रो. पीटर जे. वान डेर स्पेक ने किया। इस दौरान उन्होंने एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. डॉ. माधवानन्द कर से मुलाकात कर सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। बैठक के दौरान फार्माकोजीनोमिक्स और प्रिसिजन मेडिसिन के क्षेत्र में दीर्घकालिक अकादमिक सहयोग के लिए एक आशय पत्र एमओयू प्रस्तुत किया गया। यह पहल दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शोध और ज्ञान आदान-प्रदान को नई दिशा देगी। एम्स भोपाल की ओर से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नेतृत्व डॉ. शुभम अटल करेंगे जो इसके प्रमुख अन्वेषक और नोडल प्रमुख होंगे। 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना में सह सहयोगी के रूप में प्रो. बालकृष्णन एस. डॉ. जितेंद्र सिंह और प्रो. अशोक कुमार शामिल हैं। इरास्मस मेडिकल सेंटर के प्रतिनिधिमंडल में प्रो. हरि शंकर शर्मा और सुश्री लिंडा होडेलमैन्स भी शामिल रहे। प्रस्तावित अध्ययन के तहत फार्माकोजीनोमिक पैनल परीक्षण पर व्यवहार्यता और प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट अध्ययन किया जाएगा जिसमें इसकी स्केलेबिलिटी, नैदानिक उपयोगिता और स्वास्थ्य आर्थिक प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।बैठक के दौरान दोनों संस्थानों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई और एक मजबूत शोध प्रस्ताव के साथ इस सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। यह पहल भारत में प्रिसिजन मेडिसिन की क्षमताओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भारत और नीदरलैंड्स के बीच दीर्घकालिक अकादमिक साझेदारी को भी मजबूती देगी।







