जंगल में खौफनाक मंजर: किसान का खून से लथपथ शव मिला, पास ही पड़े थे गाय-बछड़े के शव … क्षेत्र में हड़कंप

मंडला।जिले के खैरलांजी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मिरगपुर के ग्राम पांडरवानी (सतीटोला) में बाघ के हमले की आशंका से दहशत का माहौल है। गांव से लगे जंगल में मवेशी चराने गए करीब 50 वर्षीय किसान देवकराम वाघमारे (पिता श्यामलाल वाघमारे) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटनास्थल के पास ही एक गाय और उसका बछड़ा भी मृत अवस्था में पाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, ग्राम पांडरवानी निवासी देवकराम वाघमारे अपनी गाय और बछड़े को चराने के लिए जंगल की ओर गए थे। देर शाम तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रात भर खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिजन और ग्रामीण जब श्मशान घाट से लगे घने जंगल में पहुंचे, तो वहां का नजारा खौफनाक था। जंगल में गाय और बछड़े का शव पड़ा था, और कुछ ही दूरी पर देवकराम खून से लथपथ मृत अवस्था में मिले।
घटनास्थल के आसपास वन्यप्राणी के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों ने बाघ के हमले की आशंका जताई है। ग्रामीणों का अनुमान है कि बाघ ने पहले गाय और बछड़े को अपना शिकार बनाया होगा। मवेशियों को बचाने के लिए जब देवकराम आगे आए होंगे, तो बाघ ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मिरगपुर सरपंच दीपक देशमुख ने वन विभाग और पुलिस को अलर्ट किया। इस घटना के बाद से पांडरवानी और आसपास के गांवों में बाघ की मौजूदगी को लेकर भारी दहशत है। ग्रामीणों और समाजसेवियों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और विशेष सावधानी बरतें। वास्तविक स्थिति की पुष्टि वन विभाग और पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।







