
अपोलो हास्पिटल में पहली रोबोटिक प्रोस्टेट सफल सर्जरी
जबलपुर में ही मिलेगा आधुनिक इलाज
जबलपुर,यशभारत। अपोलो हास्पिटल जबलपुर में मध्यप्रदेश की पहली सफल रोबोटिक प्रोस्टेट सर्जरी कर एक नई उपलब्धि हासिल की गई है। इस सर्जरी का नेतृत्व यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रणल सहारे ने किया। अस्पताल में आयोजित प्रेसवार्ता में वरिष्ठ रोबोटिक सर्जन डॉक्टर गणेश गोरथी,डायरेक्टर डॉक्टर शोभित बडेरिया और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि इस उपलब्धि से अब प्रदेश के मरीजों को प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
रोबोटिक प्रोस्टेट सर्जरी एक आधुनिक न्यूनतम चीरा तकनीक है, जिसमें 1 से 2 सेंटीमीटर के छोटे छेद से ऑपरेशन किया जाता है। इससे खून कम बहता है, दर्द कम होता है और संक्रमण का खतरा भी घटता है। मरीज को सामान्यतः 3 से 5 दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है और 2 से 3 सप्ताह में वह सामान्य जीवन में लौट सकता है।
इस तकनीक का एक बड़ा लाभ यह भी है कि प्रोस्टेट के आसपास की नसों को सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे सर्जरी के बाद पेशाब नियंत्रण और यौन क्रिया पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहां रोबोटिक सर्जरी, एंडोयूरोलॉजी, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और मरीजों को उनके ही राज्य में विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







