गणतंत्र दिवस पर भोपाल में सकरी गलियों की होगी जीआई टैगिंग

गणतंत्र दिवस पर भोपाल में सकरी गलियों की होगी जीआई टैगिंग
भोपाल, यशभारत। गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने रविवार को कमिश्नर कार्यालय में मैराथन बैठक कर दो टूक निर्देश दिए कि सुरक्षा में रत्ती भर भी ढील बर्दाश्त नहीं होगी। इस बार पुलिस का विशेष फोकस शहर की उन सकरी गलियों पर है, जो अपराध और आपातकाल के समय बाधा बनती हैं।
गलियों का डिजिटल मैप और अतिक्रमण पर प्रहार
बैठक में सीपी ने एक नवाचार करते हुए निर्देश दिए कि शहर के वे इलाके जहाँ गलियां इतनी संकरी हैं कि पुलिस वाहन या फायर ब्रिगेड नहीं पहुँच पाती, उनकी अगले 3 दिनों में जीआई टैगिंग की जाए। थाना प्रभारियों को स्वयं मैदान में उतरकर ऐसे स्थानों से अतिक्रमण हटाने के लिए सूची तैयार करने को कहा गया है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 28 जनवरी को नोडल अधिकारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पुराने अपराधियों और गैंग पर पैनी नजर
अपराध नियंत्रण पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि जेल से रिहा हुए अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक किया जाए और संगठित अपराध में लिप्त गिरोहों की गैंग हिस्ट्रीशीट तत्काल अपडेट की जाए। वर्ष 2016 से पुराने लंबित मामलों का वरिष्ठ अधिकारियों के सुपरविजन में त्वरित निपटारा हो। नाबालिग बच्चियों के अपहरण के पेंडिंग मामलों के लिए राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित कर ‘रेस्क्यू’ तेज किया जाए।
सुरक्षा के कड़े घेरे में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड
गणतंत्र दिवस को देखते हुए (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) टीमों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और रैन बसेरों जैसे भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर सघन तलाशी के निर्देश दिए गए हैं। शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स (आउटर नाकों) पर हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच की जाएगी।
विदेशी नागरिकों के लिए फॉर्म-सी अनिवार्य
नए कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर में रुकने वाले किसी भी विदेशी नागरिक की सूचना 24 घंटे के भीतर ‘फॉर्म-C’ के माध्यम से पुलिस को देना अनिवार्य है। सूचना छिपाने वाले मकान मालिकों या होटल संचालकों पर भारी जुर्माना और कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।







