भ्रष्टाचार और शोषण के आरोपों में घिरे एआइजी राजेश मिश्रा पीएचक्यू से हटाए गए,पीटीआरआई भेजे गए

भ्रष्टाचार और शोषण के आरोपों में घिरे एआइजी राजेश मिश्रा पीएचक्यू से हटाए गए,पीटीआरआई भेजे गए
जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने उठाया कदम
राजस्थान की फैशन डिजाइनर ने लगाए हैं 30 लाख की ठगी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की सीआइडी शाखा में पदस्थ एआइजी राजेश मिश्रा को आखिरकार पद से हटा दिया गया है। भ्रष्टाचार, लाखों रुपये की धोखाधड़ी और शोषण जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे मिश्रा का तबादला पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट में कर दिया गया है। उनकी जगह संतोष सिंह भदौरिया को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजस्थान की एक फैशन डिजाइनर ने एआइजी राजेश मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पीड़िता ने डीजीपी और मुख्य सचिव को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि मिश्रा ने उनसे 30.59 लाख रुपये की ठगी की है। ठगी के साथ-साथ पीड़िता ने शारीरिक और मानसिक शोषण के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के समर्थन में पीड़िता ने पुलिस को वाट्सएप चैट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी सौंपे हैं।
जांच की निष्पक्षता पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि एआइजी मिश्रा के खिलाफ जांच उसी सीआइडी शाखा द्वारा की जा रही है, जहां वे खुद पदस्थ थे। जांच के तीन महीने बीत जाने के बाद भी किसी नतीजे पर न पहुंचने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विभागीय प्रभाव के कारण जांच को प्रभावित किया जा रहा है।
मामले में देरी और कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित पक्ष ने अब कानूनी रास्ता अख्तियार किया है। पीड़िता की ओर से डीजीपी को एक लीगल नोटिस भी भेजा गया है। नोटिस में देरी पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।







