मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू: विपक्ष ने ‘बच्चों के पुतले’ लाकर किया विरोध, दो अहम विधेयक होंगे पेश

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू: विपक्ष ने ‘बच्चों के पुतले’ लाकर किया विरोध, दो अहम विधेयक होंगे पेश
भोपाल,यशभारत: मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज सोमवार से शुरू हो गया है, जो 5 दिसंबर तक चलेगा। सत्र की शुरुआत ही हंगामेदार रही, जब विपक्षी दल कांग्रेस ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के विरोध में सदन के बाहर बच्चों के पुतले लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने वीआईटी यूनिवर्सिटी में खराब भोजन और अतिवृष्टि से किसानों के नुकसान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी की है।
सत्र में विपक्ष के प्रमुख मुद्दे
विपक्षी विधायक इस चार दिवसीय सत्र में (3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर अवकाश रहेगा) सरकार को घेरने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएंगे:
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: छिंदवाड़ा की घटना पर कांग्रेस ने सरकार की स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
शैक्षणिक विवाद: सीहोर की वीआईटी यूनिवर्सिटी में छात्रों को कथित रूप से खराब भोजन और पानी मिलने का मुद्दा सदन में गूंजेगा।
किसान और मुआवजा: अतिवृष्टि (अति वर्षा) के कारण किसानों को हुए नुकसान के लिए उचित और त्वरित मुआवजे की मांग पर सरकार को घेरा जाएगा।
सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को अब तक 1497 प्रश्न, 194 ध्यानाकर्षण और 52 शून्यकाल की सूचनाएं प्राप्त हो चुकी हैं।
दो बड़े शासकीय विधेयक होंगे पेश सत्र के दौरान दो महत्वपूर्ण शासकीय विधेयक पेश किए जाएंगे जो राज्य की प्रशासनिक और

व्यावसायिक व्यवस्था में बड़े बदलाव लाएंगे:
1. नगर निकाय चुनाव में सीधा मतदान और राइट टू रिकॉल
मध्यप्रदेश सरकार नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों के चुनाव में बड़ा बदलाव करने जा रही है।
सीधा चुनाव: अब तक अध्यक्षों को पार्षद चुनते थे, लेकिन नए संशोधन के बाद जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी।
जवाबदेही: पहली बार ‘राइट टू रिकॉल’ की व्यवस्था लागू होगी, जिससे यदि जनता अध्यक्ष के काम से नाखुश होती है, तो मतदान के जरिए उन्हें पद से हटाया जा सकेगा।
2. दुकान एवं स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025
यह विधेयक व्यापार-मित्र वातावरण बनाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने पर केंद्रित है।
कर्मचारियों को राहत: कामगारों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश देना अब जरूरी होगा।
डिजिटल प्रक्रिया: रजिस्ट्रेशन, रिनुअल और सभी सूचनाएं पूरी तरह से डिजिटल होंगी, जिससे व्यापारियों को आसानी होगी।
छोटे व्यापारियों को सुरक्षा: 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में अब श्रम आयुक्त की अनुमति के बिना निरीक्षण नहीं हो सकेगा, जिससे अनावश्यक कार्रवाई का डर कम होगा।
सरल अनुपालन: रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम ₹2,500 निर्धारित किया गया है और प्रतिष्ठान बंद होने पर 10 दिन के भीतर ऑनलाइन सूचना देना अनिवार्य होगा, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन स्वतः हट जाएगा।
यह चार दिवसीय सत्र सरकार के लिए नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने और विपक्ष के लिए जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही मांगने का मंच होगा।
मंत्री विश्वास सारंग ने विधानसभा में सुनाई प्रगति की गाथा
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विधान सभा सत्र में मध्य प्रदेश के खेल क्षेत्र में हुई प्रगति पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पहले राष्ट्रीय खेलों में मध्य प्रदेश 16वें नंबर पर आता था, लेकिन पिछले दो नेशनल गेम्स में राज्य ने अपनी स्थिति में अभूतपूर्व सुधार किया है। मंत्री सारंग ने अध्यक्ष महोदय को सूचित किया कि वे मध्य प्रदेश को देशभर में तीसरे नंबर पर लाने में सफल हुए हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का बहुत अच्छा योगदान रहा है। मंत्री जी ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में क्रिकेट में हमारी बेटियों ने जो सफलता अर्जित की है, उस विजेता टीम में मध्य प्रदेश की आदिवासी वर्ग की बेटी क्रांति गौड़ ने बहुत अच्छा स्थान रखा। उन्होंने इस उपलब्धि को हम सबके लिए बहुत प्रसन्नता की बात बताया।







