सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व से राजस्थान के बाघों का जीन पूल सुधारने के लिए पेंच टाइगर रिजर्व से भेजे जाने वाली बाधिन की तलाश शुरु हो गई है। बाघिन की सचिंग के लिए लगाए गए लगभग आधा सैकड़ा वन कर्मी सुबह से जंगल में सर्चिंग कर रहे है। बाघिन ले जाने के लिए राजस्थान के कोटा से आए सीसीएफ वाइल्ड लाइफ सुगनाराम जाट व विटनरी डॉ. तेजेन्द्र सिंह रियार भी हाथी पर सवार होकर सर्चिग में जुटे है। बफर क्षेत्र के रूखड़ इलाके, मसूरनाला क्षेत्र व कुरई रेंज में तलाश चल रही है।
जानकारी के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व से राजस्थान के बूंदी जिले स्थित रामगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाने के लिए आधा दर्जन बाघिनों की स्क्रीनिंग की गई थी। इनमें 4 बाघिन के साथ शावक होने के कारण उन्हें ले जाना कैंसल किया गया। वहीं लगभग 6 साल की 1 बाघिन के अब तक किसी शावक को जन्म न दिए जाने के कारण उसे भी रिजेक्ट कर दिया गया।
सके बाद लगभग ढाई से से तीन साल की पीएन-224 बाघिन को ले जाने पर सहमति बनी और उसे तलाश किया जा रहा है।
ट्रांसलोकेशन (स्थानांतरण) की योजना तैयार की गई है। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के 7 बाघ-बाधिन राजस्थान शिफ्ट होंगे। इनमें 3 बाघिन रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व व 2 बाघ व 2 बाघिन मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व जाएंगे। सबसे पहले पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन पीएन-224 को ले जाया जाएगा, जो कि नया रिकॉर्ड बनाएगी।
एयरलिफ्ट से भेजा जाएगा राजस्थान
पेंच टाइगर रिजर्व की बाधिन को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से ले जाया जाएगा। राजस्थान के अफसरों ने इस संबंध में डिफेंस मंत्रालय को पत्र लिखा था, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही थी। हालांकि जानकारी के अनुसार लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व के अफसर भी हरकत में आ गए हैं। देश में यह भी पहली बार होगा कि किसी बाघ-बाधिन को एयरलिफ्ट कर एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाया जाएगा। पेंच के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह का कहना था कि बाघिन को हवाई मार्ग से ले जाने में कोई कठिनाई नहीं है। दुरिया गेट के पास हेलीपेड है, वहीं सुकतरा में हवाई पट्टी भी है।
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